फीफा वर्ल्ड कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में आकर आखिरकार वाइकिंग्स की सेना नॉर्वे को हार मिली. उनकी टीम के योद्धा इंग्लिश चैनल पार नहीं कर सके और इंग्लैंड के हाथों हार झेलनी पड़ी. 28 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप खेलने वाली नॉर्वे के लिए बीते 14 मैचों या फिर 636 दिन से हर एक मैच में 'गोल मशीन' एर्लिंग हालैंड स्कोर करते आ रहे थे. लेकिन इंग्लैंड ने उनके खिलाफ ऐसा जाल बुना कि नॉर्वे का स्टार खिलाड़ी एक गेंद को तरसता नजर आया और बीते दो साल में ऐसा पहली बार हुआ, जब हालैंड बिना गोल किए मैदान से बाहर गए.
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हालैंड के लिए कैसे बुना इंग्लैंड ने जाल?
नॉर्वे के लिए हालैंड फीफा वर्ल्ड कप में लगातार गोल करते आ रहे थे और उन्होंने ब्राजील के खिलाफ भी दो शानदार गोल किए थे. हालैंड ने चार मैचों में ही सात गोल दाग दिए थे और उसके बाद इंग्लैंड के सामने मैदान में आए. इंग्लैंड के मैनेजर थॉमस टुशेल ने उनको रोकने के लिए मिडफील्डर्स डेकलान राइस और कोबी मेनू को लगाया. जबकि इसके साथ ही हालैंड को गेंद पास करने वाले उनकी सप्लाई लाइन के खिलाड़ी यानी नॉर्वे के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड को भी घेरे रखा. ओडेगार्ड ही मिडफील्ड में विंगर्स के जरिए गेंद को हालैंड तक पहुंचाते थे. ऐसे में इंग्लैंड ने न सिर्फ दो खिलाड़ी हमेशा हालैंड के पास रखे, बल्कि उनकी सप्लाई चेन को पूरी तरह से काट दिया.
हालैंड पूरे मैच में दो खिलाड़ियों से घिरे रहे
हालैंड की जब सप्लाई लाइन इंग्लैंड ने काटी तो वह मैदान में पूरी तरह से अलग-थलग नजर आए और दूसरे हाफ में सबसे कम गेंद उनके पास आई. जबकि जैसे ही गेंद हालैंड को मिलती थी तो उनके सामने हमेशा इंग्लैंड के दो डिफेंडर्स होते थे. जबकि सेंटर बैक्स मार्क गुएही और जॉन स्टोन्स ने भी उनको काफी हद तक स्पेस नहीं दिया और घेरकर रखा. इस तरह इंग्लैंड का मुख्य फोकस हालैंड को घेरने से ज्यादा उन खिलाड़ियों को रोकने पर भी रहा, जो उनको पास देते थे. यही कारण था कि इंग्लैंड के सामने ऐसा लगा जैसे हालैंड टीम में हैं ही नहीं.
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हालैंड को मजबूरन छोड़नी पड़ी स्ट्राइकर की पोजीशन
हालैंड 105 मिनट तक मैदान में रहकर फुटबॉल खेले, लेकिन सिर्फ 21 टच ही उनको मिले. जबकि दो बार ही हालैंड शॉट ले सके. इसमें उनके एक हेडर को इंग्लैंड के गोलकीपर ने रोक दिया तो दूसरा गोल पोस्ट के बाहर चला गया. जबकि 12 में उनके सिर्फ 5 सटीक पास रहे. हालैंड ने जब देखा कि उनके पास गेंद नहीं आ रही है तो वह स्ट्राइकर की जगह छोड़कर मिडफील्ड में खेलने लगे. जब हालैंड मिडफील्ड में चले गए तो वहां से किसी भी खिलाड़ी के लिए गोल करना बहुत ही मुश्किल हो जाता है. यही कारण रहा कि 636 दिन बाद जब वह टीम के लिए गोल नहीं कर सके तो उनकी टीम को हारकर बाहर होना पड़ा.
14 मैचों में लगातार गोल करने का सिलसिला थमा
25 साल के हालैंड के पास हालांकि अभी काफी समय है और वह अगले फीफा वर्ल्ड कप 2030 में फिर से नॉर्वे की टीम के लिए खेलते नजर आएंगे. हालैंड लगातार 14 मैचों से नॉर्वे के लिए गोल करते आ रहे थे. जिससे नॉर्वे ने न सिर्फ 28 साल बाद फीफा वर्ल्ड कप के लिए क्वालिफाई किया, बल्कि पहली बार क्वार्टर फाइनल मैच भी खेला. इससे पहले तक नॉर्वे की टीम कभी भी राउंड ऑफ 16 से आगे नहीं जा सकी थी.
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