FIFA WC 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का दबदबा देखने को मिला. बेल्जियम के खिलाफ स्पेन ने मजबूत डिफेंस का नजारा पेश किया, तो उनके लिए बीते दो मैचों से मिकेल मेरिनो जादूगर बनकर सामने आए हैं. स्पेन की टीम पहले तो पूरे मैच में विरोधी टीम को अपने गोल पोस्ट से दूर रखती है और जब सामने वाली टीम मैच खत्म होने के करीब ये सोचती है कि स्पेन के अटैक में दम नहीं बचा, तभी मैच के अंतिम पलों में मैदान पर मिकेल मेरिनो को भेजा जाता है. मेरिनो मैदान में आते ही पैरों से ऐसा जादू करते हैं कि वह विजयी गोल दागकर टीम को जीत दिलाने के साथ ही बाहर जाते हैं. पहले पुर्तगाल और अब बेल्जियम को उन्होंने अपने मैजिक से घर भेज दिया. जिसके चलते स्पेन की जीत के बाद सबसे अधिक चर्चे मेरिनो के हैं और चलिए जानते हैं कि कैसे उन्होंने 117 सेकेंड में दुनिया जीत ली.
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मेरिनो के मैदान में आते ही जादू होता है
दरअसल, बेल्जियम और स्पेन के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला 86वें मिनट तक 1-1 की बराबरी पर रहा. इसके बाद स्पेन के मैनेजर लुइस डे ला फ़ुएंते ने अपने पिटारे से मेरिनो को बाहर निकाला और मैदान पर भेजा. मेरिनो 86वें मिनट में मैदान के अंदर गए और इसके करीब 117 सेकेंड यानी दो मिनट बाद ही करिश्मा हो गया. पाऊ कुबार्सी ने लॉन्ग शॉट से गोल करना चाहा, लेकिन गोलकीपर गेंद को पकड़ नहीं सका और उसके हाथ से लगकर गेंद थोड़ी सी दूर चली गई. शिकार करने के लिए पहले से ही आगे बढ़ चुके मेरिनो ने मौका मिलते ही अपने सिर्फ दूसरे टच में गोल दाग दिया. मेरिनो का यही गोल स्पेन की जीत का कारण बना और उनकी टीम ने 2-1 से बेल्जियम को हराकर 16 साल बाद सेमीफाइनल में कदम रखा.
मेरिनो जैसा दुनिया में कोई नहीं
वहीं बतौर सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी मेरिनो फीफा वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो नॉकआउट मैचों में विजयी गोल करने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं. उन्होंने इससे पहले पुर्तगाल के खिलाफ भी मैच के अंत में 87वें मिनट में सब्स्टीट्यूट खिलाड़ी के तौर पर आते हुए 91वें मिनट में विजयी गोल दाग दिया था. जिससे रोनाल्डो और उनकी टीम का सपना बिखर गया, जबकि जादूगर मेरिनो के चर्चे पूरी दुनिया में होने लगे थे.
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मेरिनो के खून में है फुटबॉल
मेरिनो की बात करें तो दमदार शारीरिक क्षमता और गेंद को समझने की बारीक परख उन्हें मिडफील्ड से लेकर फॉरवर्ड तक खेलने में सक्षम बनाती है. मेरिनो के पिता एंजेल मेरिनो भी स्पेनिश मिडफील्डर रह चुके हैं और कोच भी थे. मेरिनो को फुटबॉल विरासत में मिली और उन्होंने अपने पिता से सीखी कला को नया आयाम दिया. मेरिनो ने साल 2014 से प्रोफेशनल फुटबॉल क्लब करियर की शुरुआत की और साल 2024 में वह इंग्लिश प्रीमियर लीग की टीम आर्सेनल का हिस्सा बने. मेरिनो की क्षमता का आर्सेनल ने मिडफील्डर और स्ट्राइकर दोनों के तौर पर बखूबी इस्तेमाल किया. आर्सेनल के लिए मेरिनो ने 11 में से 10 ऐसे गोल दागे, जिससे टीम ने हारे हुए मैच को ड्रॉ किया या फिर ड्रॉ मैच में जीत हासिल की. यही कारण है कि उनको स्पेन का जादूगर और 'ड्यूल मॉन्स्टर' (वन-ऑन-वन फाइट जीतने में माहिर) भी कहा जाता है.
जब सब खत्म लगने लगता है, तब मेरिनो आते हैं
अब स्पेन का सामना सेमीफाइनल मैच में मजबूत फ्रांस की टीम से होना है. फ्रांस को अगर स्पेन से पार पाना है, तो पूरे 90 मिनट के गेम में इंटेंसिटी को हाई रखना होगा. क्योंकि जब विरोधी टीम को लगता है कि स्पेन का अटैक समाप्त हो गया है, तभी मैदान में मेरिनो आते हैं और सब कुछ बदल जाता है. 30 साल का यह खिलाड़ी अब सेमीफाइनल में भी अपना जादू दिखाने को बेताब है.
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