FIFA WC 2026 : स्पेन ने बेल्जियम को हराकर भेजा घर, 664 पास से दो गोल दागकर सेमीफाइनल में 16 साल बाद रखा कदम

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर शानदार अंदाज में सेमीफाइनल का टिकट हासिल कर लिया. पूरे मुकाबले में स्पेन ने रिबाउंड तकनीक, दमदार बॉक्स प्रेशर और बेहतरीन बॉल कंट्रोल के दम पर बेल्जियम को लगातार दबाव में रखा.

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Mikel Merino #6 of Spain

मिकेल मेरिनो का जादू

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स्पेन ने बेल्जियम को 2-1 से हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई

मिकेल मेरिनो ने सब्स्टीट्यूट के तौर पर आकर विजयी गोल दागा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे क्वार्टर फाइनल में स्पेन का जलवा देखने को मिला. वर्ल्ड कप 2026 में अभी तक एक भी गोल नहीं खाने वाले स्पेन के मजबूत डिफेंस को बेल्जियम ने भेदने का दमखम दिखाया. लेकिन शायद इस कसमकस में वे स्पेन के अटैक को भूल बैठे. स्पेन ने रिबाउंड तकनीक और बॉक्स प्रेशर के चलते बेल्जियम पर दबाव बनाए रखा, जिससे उनकी टीम ने क्वार्टर फाइनल में 2-1 से जीत दर्ज की और बेल्जियम का सपना एक बार फिर क्वार्टर फाइनल में ही धरा रह गया. जबकि स्पेन ने साल 2010 के बाद 16 साल बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में जगह बनाई है. उनके लिए सब्स्टीट्यूट प्लेयर के तौर पर मैदान में आने वाले मिकेल मेरिनो ने विनिंग गोल दागा और एक बड़ा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया.

पहले हाफ में स्पेन को बेल्जियम ने दिया करारा जवाब

स्पेन की टीम लॉस एंजिल्स स्टेडियम में 4-2-3-1 के फॉर्मेशन से उतरी और उसने अपनी ताकत डिफेंस को बिल्कुल भी नहीं छेड़ा. स्पेन ने बेल्जियम पर शुरुआत से ही अटैक बनाए रखा और पहले हाफ में बेल्जियम पर दबाव बनाया. स्पेन के खिलाड़ी लगातार लॉन्ग शॉट, यानी दूर से बेल्जियम के गोलकीपर के पास शॉट्स लगाने का प्लान अपनाए हुए थे. इसका उन्हें फायदा भी मिला, जब 30वें मिनट में डैनी ओल्मो के शॉट को बेल्जियम के गोलकीपर थिबॉट कर्टोइस ने रोका तो उसके बाद रिबाउंड पर फैबियन रुइज ने शानदार गोल दागकर टीम को 1-0 से बढ़त दिला दी. इसके बाद बेल्जियम ने अटैक बनाया और उनके लिए चार्ल्स डी केटेलेयर ने बेहतरीन हेडर से टीम के लिए बराबरी का गोल कर दिया, जिससे पहला हाफ 1-1 की बराबरी पर समाप्त हुआ और स्पेन की टीम ने टूर्नामेंट में अब तक का पहला गोल खाया.

बेल्जियम को दूसरे हाफ में लगा बड़ा झटका

वहीं मैच के दूसरे हाफ में स्पेन की टीम जब मैदान में गेंद पर कंट्रोल बनाकर फिर से लॉन्ग शॉट के जरिए बेल्जियम के गोलपोस्ट के आस-पास लगातार दबाव बना रही थी, तो 64वें मिनट में उनको एक बड़ा झटका लगा. स्पेन के मिकेल ओयारज़ाबाल के खतरनाक शॉट को रोकने के बाद बेल्जियम के स्टार गोलकीपर थिबॉट कर्टोइस ने गोल किक ली, तो इस दौरान उनके बाएं पैर की मसल में खिंचाव आ गया. इसके चलते थिबॉट कर्टोइस मैच से बाहर हुए और नया गोलकीपर आया, तो स्पेन ने अपने अटैक को फिर से तेज कर दिया. स्पेन ने दूसरे हाफ में भी बेल्जियम को ज्यादा गेंद खेलने का मौका नहीं दिया.

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स्पेन की रिबाउंड तकनीक और मेरिनो का जादू

1-1 की स्कोरलाइन पर जब 85 मिनट बीत चुके थे, तो अंतिम पांच मिनट के लिए स्पेन के मैनेजर लुइस डे ला फ़ुएंते ने एक बड़ा दांव खेला. उन्होंने 86वें मिनट में अपने जादुई खिलाड़ी मिकेल मेरिनो को जैसे ही मैदान में भेजा, तो ठीक इसके 117 सेकेंड बाद स्पेन को उनके पैरों से ही गोल मिला. इस बार भी स्पेन की रिबाउंड तकनीक काम आई. मैच के 88वें मिनट में पाऊ कुबार्सी के लॉन्ग-रेंज शॉट को जब बेल्जियम के बैकअप गोलकीपर होल्ड नहीं कर सके, तो गेंद जैसे ही गोलकीपर के हाथों से लगकर छिटकी, उस पर मेरिनो कूद पड़े और उन्होंने मैच का विजयी गोल दाग दिया. उन्होंने यही कारनामा पिछले मैच में पुर्तगाल के खिलाफ भी 91वें मिनट में गोल करके किया था. इस तरह स्पेन के रॉकेट लॉन्चर बने मेरिनो के गोल से टीम को 16 साल बाद सेमीफाइनल का टिकट हासिल हुआ. जबकि बेल्जियम का सफर क्वार्टर फाइनल से आगे नहीं जा सका. स्पेन ने मैच के दौरान 664 पास किए और 17 शॉट्स से बेल्जियम को घर जाने पर मजबूर कर दिया.

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