स्पेन के स्टार खिलाड़ी लामिन यमाल को लेकर फीफा वर्ल्ड कप 2026 फाइनल से पहले फैंस की चिंता बढ़ गई है. यमाल ने अर्जेंटीना के खिलाफ खिताबी मुकाबले से पहले ट्रेनिंग सेशन के दौरान अकेले ट्रेनिंग की. जिसने उन्हें लेकर चोट की थोड़ी चिंता पैदा हो गई थी. हालांकि स्पेनिश फ़ुटबॉल फेडरेशन ने तुरंत इन चिंताओं को कम करते हुए कहा कि इस युवा स्टार के रविवार को अर्जेंटीना के ख़िलाफ होने वाले बड़े मुक़ाबले के लिए फिट होने की उम्मीद है.
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फ़्रांस के खिलाफ सेमीफाइनल में 2-0 से जीत के बाद स्पेन के पहले ट्रेनिंग सेशन में यमाल और डिफेंडर पेड्रो पोरो दोनों ने अलग-अलग रिकवरी ड्रिल कीं. इन दोनों के अलग-अलग ट्रेनिंग करने की तस्वीरों से अटकलें शुरू हो गईं, लेकिन रॉयल स्पेनिश फ़ुटबॉल फेडरेशन (RFEF) ने कहा कि चिंता की कोई बात नहीं है.
वर्कलोड मैनेजमेंट प्रोग्राम
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फेडरेशन ने साफ किया कि दोनों खिलाड़ी सावधानी के तौर पर वर्कलोड मैनेजमेंट प्रोग्राम का पालन कर रहे थे और उम्मीद है कि जब स्पेन अपने दूसरे FIFA वर्ल्ड कप खिताब के लिए खेलेगा, तब वे उपलब्ध होंगे. यह अलग से ट्रेनिंग सेशन यमाल के लिए एक मुश्किल सेमीफ़ाइनल के बाद हुआ, जिसमें उन्होंने शाम का ज़्यादातर समय फ्रांस के फ़ुल-बैक लुकास डिग्ने और थियो हर्नांडेज से जूझते हुए बिताया था. हालांकि मैच के बाद स्पेन के कोच लुइस डे ला फ़ुएंटे ने जोर देकर कहा कि बार्सिलोना के इस युवा खिलाड़ी को कुछ नहीं हुआ है, फिर भी 90 मिनट के एक और जबरदस्त खेल के बाद उन्हें आमतौर पर होने वाले दर्द और चोटों का सामना करना पड़ रहा था.
स्पेन ने चोट की चिंताओं को किया कम
स्पेन ने साफ कर दिया है कि वे टूर्नामेंट के सबसे बड़े गेम से पहले कुछ भी किस्मत पर नहीं छोड़ रहे हैं. उन्हें उम्मीद है कि यमाल और पोरो दोनों रविवार के फ़ाइनल से पहले पूरी ट्रेनिंग पर लौट आएंगे और गुरुवार का अलग सेशन टीम के रिकवरी शेड्यूल का हिस्सा होगा, न कि किसी नई चोट की चिंता का हिंट है. फ्रांस के खिलाफ जीत के बाद डे ला फुएंते ने माना कि टोटेनहम के डिफेंडर को चोट लगी थी, तो पोरो का मामला थोड़ा और गंभीर लगने लगा.
स्पेन का बाकी ट्रेनिंग सेशन बिना किसी परेशानी के पूरा हुआ. न्यू जर्सी में उमस भरे मौसम और 30 डिग्री सेल्सियस तापमान के बावजूद टीम के खिलाड़ी शांत और सहज दिखे. स्पेन 2010 में मिली जीत के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने की कोशिश में है, जबकि अर्जेंटीना लगातार दूसरा खिताब जीतने की फिराक में है.
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