Orjan Nyland: नॉर्वे का रक्षा कवच, मैच खत्म होने से 1 मिनट पहले किया सुपरसेव, कभी पैरों को ताकतवर बनाने को बर्फ में की थी प्रैक्टिस

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में गोलकीपर अरयान नयलान ने आइवरी कोस्ट के अमाड डियालो की फ्री किक को स्टॉपेज टाइम के छठे मिनट में जबरदस्त तरीके से बचाया. तब मैच में केवल एक मिनट बचा था और नॉर्वे 2-1 से जीतकर आगे बढ़ गया.

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नॉर्वे के गोलकीपर अरयान नयलान. (Photo: Getty)

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अरयान नयलान स्पेनिश फुटबॉल क्लब सेविया की तरफ से खेलते हैं.

आइवरी कोस्ट के सामने मैच अरयान नयलान के इंटरनेशनल करियर का 74वां था.

नॉर्वे ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 में अंतिम 32 के मुकाबले में आइवरी कोस्ट को 2-1 से हराकर प्री क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई. इस मुकाबले में उसके लिए एंटोनियो नुसा और एर्लिंग हालैंड ने गोल किया. नॉर्वे ने पहली बार वर्ल्ड कप नॉकआउट मैच जीता. लेकिन मैच खत्म होने से ठीक एक मिनट पहले यह टीम मुसीबत में पड़ गई थी. आइवरी कोस्ट के अमाड डियालो ने फ्री किक पर टॉप लेफ्ट कॉर्नर की तरफ दनदनाता शॉट लगाया. गेंद गोल पोस्ट में जाने वाली थी उससे ठीक पहले नॉर्वे के गोलकीपर अरयान नयलान ने ठीक समय पर छलांग लगाई और बाएं हाथ से गेंद की दिशा बदल दी. इससे नॉर्वे बच गया. नयलान के इस बचाव को टूर्नामेंट के कमाल के बचाव में गिना जा रहा है.

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नयलान स्पेनिश फुटबॉल क्लब सेविया की तरफ से खेलते हैं. आइवरी कोस्ट के सामने मैच उनके इंटरनेशनल करियर का 74वां था. उन्होंने इस मुकाबले में चार बचाव किए. अभी तक तीन बार उन्होंने नॉर्वे के लिए शुरू से मैच खेला है और यह सर्वाधिक बचाव रहे. उन्होंने इस दौरान 14 कॉर्नर किक भी झेली.

कौन हैं अरयान नयलान

नयलान नॉर्वे के एक छोटे से शहर वोल्डा से आते हैं. वे फुटबॉल में बाद में जुड़े. पहले अल्पाइन स्कीइंग करते थे. इसके जरिए उन्होंने शरीर के निचले हिस्से और पैरों को ताकतवर बनाया. फिर हैंडबॉल खेलने लगे और इससे उनका हैंड आई कॉर्डिनेशन बेहतर हुआ. 

पिता ने नयलान को बनाया फुटबॉल का हिस्सा

नयलान के पिता फुटबॉलर रहे हैं. वे एक स्थानीय टीम में गोलकीपर थे. उन्होंने नयलान के कद और फुर्ती को देखते हुए उन्हें फुटबॉल खेलने को प्रेरित किया. उन्होंने फुटवर्क मजबूत कराने के लिए बेटे को नॉर्वे की कड़ी सर्दियों में बर्फ में अभ्यास कराया. इससे उनके पैरों में विस्फोटक ताकत आई. हैंडबॉल का अभ्यास होने से पिता ने उन्हें गेंद को हाथ से मारकर दूर करने की जगह पकड़ने की प्रैक्टिस कराई. 

3 साल बेंच पर रहे लेकिन तैयारी नहीं छोड़ी

नयलान जब 17 साल के थे तब उन्होंने हाउद नाम का क्लब जॉइन किया. लेकिन यहां पहले से ही दो अनुभवी गोलकीपर थे. इससे तीन साल तक वे बेंच पर बैठे रहे. इस दौरान नयलान ने दूसरे क्लब जाने की जगह वहीं रहकर खेल को सुधारने पर काम किया. वे टीम सेशन के बाद भी रुकते और पेनल्टी जैसे हालात की तैयारी करते. वे बाद में अपने क्लब के पहले गोलकीपर और अहम खिलाड़ी बने. उन्होंने इसे नॉर्वेजियन फुटबॉल कप जिताने में भी मदद की.

नॉर्वेजियन लीग से निकलकर नयलान प्रीमियर लीग में एस्टन विला, बर्नमाउथ, नॉर्विच सिटी, बुंडेसलीगा में आरबी लीपजिग के लिए खेले. 

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