नेदरलैंड्स और बेल्जियम में 15 अगस्त से शुरू होने वाले FIH पुरुष हॉकी विश्व कप में भारत का कोई भी अंपायर या टेक्निकल अधिकारी शामिल नहीं होगा.1998 में यूट्रेक्ट में हुए विश्व कप के बाद यह पहली बार है जब टूर्नामेंट के लिए किसी भारतीय अधिकारी को नहीं चुना गया है.पैनल में शामिल ज़्यादातर अधिकारी यूरोप से हैं.
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सिर्फ चार भारतीय वर्ल्ड कप अंपायर
आधुनिक दौर में भारत ने पुरुषों के हॉकी वर्ल्ड कप के लिए सिर्फ चार अंपायर दिए हैं.अमरजीत सिंह बावा (1990), तरलोक सिंह भुल्लर (1994), सतिंदर शर्मा (2002, 2006 और 2010) और आरवी रघु प्रसाद (2010, 2014, 2018 और 2023) ने वर्ल्ड कप में अंपायरिंग की है. पिछले साल 200 इंटरनेशनल मैचों में अंपायरिंग करने वाले पहले एशियाई अंपायर बनने के बाद रिटायर हुए पूर्व इंटरनेशनल अंपायर आरवी रघु प्रसाद का कहना है कि अधिकारियों का चयन उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन के आधार पर किया जाता है. उन्होंने PTI से कहा कि FIH अंपायरिंग कमेटी पिछले वर्ल्ड कप, ओलिंपिक, प्रो लीग और दूसरे इंटरनेशनल टूर्नामेंट में प्रदर्शन को देखने के बाद बड़े टूर्नामेंट के लिए अधिकारियों का चयन करती है.लंबे समय तक लगातार अच्छा प्रदर्शन करना ही सबसे बड़ा पैमाना है.
पिछड़ रहा है भारत
वहीं कई ओलिंपिक और वर्ल्ड कप में अंपायरिंग कर चुके सतिंदर शर्मा का कहना है कि बावा सर, भुल्लर सर के बाद उन्होंने और रघु ने यह सिलसिला कायम रखा था.उन्होंने यूरोपीयों के बीच जाकर अपनी पहचान बनाई थी जो आसान नहीं था.उन्होंने कहा किबीजिंग ओलिंपिक 2008 में टीम क्वालीफाई नहीं कर सकी थी लेकिन वह अकेले अधिकारी थे, जो भारतीय हॉकी का प्रतिनिधि था. चयन के लिये प्रदर्शन में निरंतरता और अनुभव काफी मायने रखता है, जहां उन्हें लगता है कि अब भारत पिछड़ रहा है.
अधिक एक्सपोजर की जरूरत
हॉकी इंडिया की वेबसाइट पर मई 2025 में अपडेट की गई सूची के अनुसार अंपायरों की चार कैटेगरी कोर लीडिंग पैनल, लीडिंग पैनल, हाई पोटेंशियल और नेशनल अंपायर हैं, जिनमें मैंस कैटेगरी में 100 से अधिक और वुमेंस कैटेगरी में 70 से अधिक नाम दर्ज हैं. मैंस कैटेगरी में छह एफआईएच पैनल के अंपायर हैं जिनमें से रघुप्रसाद पिछले साल रिटायर हो चुके हैं. वहीं महिला वर्ग में एफआईएच पैनल की चार अंपायर हैं.तकनीकी अधिकारियों में महिला वर्ग में इन्हीं चार श्रेणियों में 50 से अधिक नाम हैं लेकिन एफआईएच पैनल में सिर्फ दो अधिकारी रोहिणी बोपन्ना और सोनिया बाथला हैं. पुरूष वर्ग में करीब 70 नाम हैं लेकिन एफआईएच पैनल के चार ही अधिकारी इसमें शामिल हैं. शर्मा ने कहा कि संख्या की बजाय गुणवत्ता पर फोकस करना जरूरी है और इसके लिये अंपायरों को अधिक एक्सपोजर देना होगा.
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