प्रीति पवार ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में बॉक्सिंग में भारत का खाता खोल दिया है. प्रीति ने कनाडा की मुक्केबाज स्कार्लेट सवाना डेलगाडो को सर्वसम्मत फ़ैसले में 5-0 से हराकर भारत को गोल्ड दिला दिया है. इस कॉमनवेल्थ में भारत का यह छठा गोल्ड है. प्रीति ने 54 किग्रा में खिताब जीता. प्रीति तीनों राउंड में हावी रही.तीनों राउंड में सभी पांच जजों ने भारतीय बॉक्सर के पक्ष में स्कोर दिया. प्रीति के खिताबी जीत के कुछ मिनटों के बाद ही जैस्मिन लंबोरिया बॉक्सिंग में भारत को दूसरा गोल्ड जिता दिया. जैस्मिन ने वीमेंस 57 किग्रा फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन ओर तीन बार की कॉमनवेल्थ गेम्स की चैंपियन नॉर्दर्न आयरलैंड की माइकेला वॉल्श को हराया.
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प्रीति ने मुकाबले की शुरुआत से ही अपना दबदबा बनाए रखा और पांच जजों ने तीनों राउंड में उन्हें 10-9 अंक दिए. उनका कुल स्कोर 30 27 रहा. मुकाबले के दौरान उन्होंने कैनेडियन बॉक्सर को एक बार नॉकडाउन भी किया. भारतीय बॉक्सर ने पूरे मुकाबले में बेहतरीन फुटवर्क, तेज कॉम्बिनेशन और रणनीतिक अनुशासन दिखाया, जिससे डेलगाडो को वापसी का कोई मौका नहीं मिला.
जैस्मिन का दमदार प्रदर्शन
जैस्मिन लंबोरिया ने महिलाओं के 57 किलोग्राम वर्ग में माइकेला वॉल्श को हराकर गोल्ड मेडल जीता. उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत के लिए सातवां गोल्ड मेडल हासिल किया. यह मुकाबला प्रीति के गोल्ड मेडल मुकाबले के ठीक बाद हुआ. खास बात यह है कि जैस्मिन ने भी सर्वसम्मत फैसले से जीत हासिल की. जून 2026 की रैंकिंग के अनुसार जैस्मिन महिलाओं की 57 किग्रा कैटेगरी में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी हैं. हाल के सालों में उनका प्रदर्शन शानदार रहा है.उन्होंने 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग चैंपियनशिप, 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप फ़ाइनल और कज़ाकिस्तान में हुए 2025 वर्ल्ड बॉक्सिंग कप में गोल्ड मेडल जीते हैं.
उन्होंने 2026 एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में सिल्वर मेडल भी जीता, जिससे दुनिया की बेहतरीन खिलाड़ियों में उनकी स्थिति और मजबूत हुई.इससे पहले जैस्मिन ने बर्मिंघम में हुए 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉनज़ मेडल जीता था.
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