कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की 25 वर्षीय युवा मुक्केबाज साक्षी चौधरी ने गोल्ड मेडल जीतकर इतिहास रच दिया. साक्षी ने फाइनल में जोरदार पंच बरसाते हुए इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को टिकने नहीं दिया. उन्होंने तीनों राउंड में अपना दबदबा बनाए रखा और इंग्लैंड की रूबी व्हाइट रिंग के अंदर ही हारकर रो पड़ीं. इस जीत के साथ भारत ने मुक्केबाजी में कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 का तीसरा गोल्ड और कुल नौवां गोल्ड मेडल अपने नाम किया. साक्षी ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की और निकहत जरीन जैसी स्टार मुक्केबाज को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स में जगह बनाई. अब उन्होंने गोल्ड मेडल जीतकर अपनी प्रतिभा साबित कर दी.
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साक्षी का फाइनल तक का सफर
साक्षी ने राउंड ऑफ-16 मुकाबले में सबसे पहले बोत्सवाना की लेथाबो मोदुकानेले को 5-0 से हराया. इसके बाद भी उनका शानदार प्रदर्शन जारी रहा और उन्होंने क्वार्टर फाइनल में उत्तरी आयरलैंड की केटलिन फ्रायर्स को भी 5-0 से धूल चटा दी. इस तरह सेमीफाइनल में पहुंचने के साथ उनका कांस्य पदक पक्का हो गया.
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सेमीफाइनल में साक्षी ने अपनी चपलता का शानदार प्रदर्शन करते हुए कनाडा की एम्बर-जेन वॉल को भी 5-0 से हराकर फाइनल में जगह बनाई और सिल्वर मेडल पक्का कर लिया. इसके बाद फाइनल मुकाबले में उन्होंने इंग्लैंड की रूबी व्हाइट को भी 5-0 से हराया. पूरे टूर्नामेंट में साक्षी के खिलाफ कोई भी बॉक्सर एक भी अंक हासिल नहीं कर सका.
निकहत जरीन को हराकर कॉमनवेल्थ गेम्स खेलने गईं साक्षी
25 वर्षीय साक्षी चौधरी हरियाणा के भिवानी से आती हैं और उन्हें 'हरियाणा शक्ति' भी कहा जाता है. साक्षी पहली बार तब सुर्खियों में आईं, जब उन्होंने 2024 एलीट नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में 51 किग्रा वर्ग का गोल्ड मेडल जीता था.
इसके बाद कॉमनवेल्थ गेम्स से ठीक पहले हुए ट्रायल्स में साक्षी ने 51 किग्रा वर्ग में स्टार मुक्केबाज निकहत जरीन को हराकर सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा था. अब उन्होंने उस जीत को सही साबित करते हुए भारत को कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में गोल्ड मेडल दिला दिया.
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