नेशनल इंटर स्टेट चैंपियनशिप में उस वक्त अजीब ड्रामा देखने को मिला, जबकि वीमंस 400 मीटर हर्डल रेस में 20 साल की हर्षिता आर को अकेले फिर से दौड़ना पड़ा. भुवनेश्वर की गर्मी में हर्षिता ने बाधा दौड़ में एक अजीब अकेले दौड़ लगाई. दरअसल ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि उनकी हीट के दौरान एक तकनीकी गलती के कारण अधिकारियों को उन्हें दोबारा दौड़ने का मौका देना पड़ा. यह गलती शुक्रवार को इवेंट की पहली हीट के दौरान हुई, जब तकनीकी समिति हर्षिता की लेन में पांचवीं बाधा नहीं लगा पाई.
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इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार लेन आठ में दौड़ रही हर्षिता को दौड़ के बीच में ही पता चला कि उनकी लेन से पांचवां हर्डल गायब है. हर्डल पार करने के लिए वह लेन सात में चली गईं और फिर दौड़ जारी रखी. आखिरकार उन्होंने 1:01.03 का समय लिया और अपनी हीट में तीसरे स्थान पर रहकर फाइनल में अपनी जगह पक्की की.
रेस के दौरान उलझन
हर्षिता ने रेस के बाद खुलासा किया कि वह रेस के दौरान उलझन में थी. पहले तो उन्हें लगा कि उन्होंने कोई गलती की है. उन्हें 5वां हर्डल नहीं मिला और आखिरकार वह लेन सात में चली गई और उसी में दौड़ती रही. इसके बाद उन्होंने तकनीकी समिति के सामने मौखिक रूप से विरोध दर्ज कराया. हर्षिता ने बताया कि जब उन्हें तकनीकी समिति को इस बारे में बताया, तो उन्होंने इस हर्षिता की ही गलती बताई, क्योंकि उन्होंने लेन बदली थी. दरअसल हर्डल रेस के एथलीट की एक लय होती है और अगर हर्षिता से कोई हर्डल छूट जाता तो उनकी लय टूट जाती है. इसीलिए वह दूसरी लेन में चली गई थी.
उनके विरोध के बाद तकनीकी समिति ने हर्षिता से शनिवार सुबह फिर से दौड़ने को कहा, मगर इस बार अकेले दौड़ने के लिए कहा. समिति ने उनसे कहा कि अगर वह 1:02.00 या उससे कम समय लेती हैं, तो वे उन्हें फाइनल के लिए कंसीडर करेंगे. कम भागीदारी के कारण 100 मीटर की हीट रद्द होने के बाद हर्षिता की अकेले दौड़ के लिए हर्डल फिर से लगाई गईं. इस बार सभी 10 हर्डल अपनी जगह पर थीं. हालांकि हर्षिता ने 1:02.54 का समय लिया और फाइनल के लिए क्वालिफाइंग मार्क से चूक गईं.
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