फीफा वर्ल्ड कप 2026 के अपने जादुई प्रदर्शन से हर किसी को हैरान करने वाली केप वर्डे अब नॉकआउट में पहुंच गई है. इसी के साथ केप वर्डे की टीम ने इतिहास रच दिया है. ग्वाडलहारा और ह्यूस्टन में एक ही समय पर खेले गए दो मैच जब खत्म हुए तो केप वर्डे के खिलाड़ी खुशी से जूझ उठे, क्योंकि उरुग्वे को स्पेन के हाथों 0-1 से हार का सामना करना पड़ा. वहीं दूसरी तरफ केप वर्डे ने ह्यूस्टन स्टेडियम में सऊदी अरब के खिलाफ शानदार खेल दिखाते हुए ऐतिहासिक नतीजा हासिल किया. बिना किसी गोल के मैच ड्रॉ होने का मतलब था कि उन्होंने अपने ग्रुप H के किसी भी प्रतिद्वंद्वी को जीत का मौका नहीं दिया और उरुग्वे को ग्रुप स्टेज से ही बाहर कर दिया. अर उरुग्वे स्पेन को हरा देता तो वह नॉकआउट में पहुंच जाता.
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पश्चिमी अफ्रीकी तट से दूर 10 ज्वालामुखी द्वीपों वाले देश केप वर्डे ने ग्रुप H में दूसरा स्थान हासिल किया और अपनी पहली ही कोशिश में वर्ल्ड कप नॉकआउट में जगह बनाई. 56 साल के बुबिस्टा की टीम आकार और आबादी के हिसाब से वर्ल्ड कप नॉकआउट स्टेज के लिए क्वालीफाई करने वाली सबसे छोटी टीम बन गई. उन्होंने उरुग्वे को तीसरे स्थान पर धकेल दिया, जबकि खेल के सबसे बड़े मंच पर जगह बनाने के आठ महीने से भी कम समय में यह उपलब्धि हासिल की.
केप वर्डे का सफर
केप वर्डे ने अपने अभियान की शुरुआत पूर्व चैंपियन स्पेन के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेलकर शानदार तरीके से की. उन्होंने अपने दूसरे मैच में उरुग्वे को 2-2 से ड्रॉ पर रोककर दिखाया, जिससे नॉकआउट में क्वालीफाई करने की उनकी उम्मीदें काफी बढ़ गईं. ग्रुप स्टेज के आखिरी दिन केप वर्डे को नॉकआउट में जगह बनाने की उम्मीद बनाए रखने के लिए बस हार से बचना था. जब स्पेन ने एलेक्स बाएना के 42वें मिनट के गोल से उरुग्वे को हरा दिया, तो केप वर्डे का समझदारी भरा डिफेंस इतिहास रचने के लिए काफी था. उनका आगे का सफर आसान नहीं होगा, क्योंकि वर्ल्ड कप में पहली बार खेल रही इस टीम का मुकाबला राउंड ऑफ 32 में वर्ल्ड चैंपियन अर्जेंटीना से होगा, जो 4 जुलाई को मियामी में खेला जाएगा.
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