भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ओपनिंग सेरेमनी से पहले ही अपना पहला मेडल पक्का कर लिया है.ओलिंपिक मेडलिस्ट लवलीना बोरगोहेन का महिलाओं की बॉक्सिंग प्रतियोगिता में कम से कम ब्रॉन्ज मेडल तय हो गया है. असम की इस बॉक्सर को 75 किग्रा वेट कैटेगरी में 'बाय' (bye) मिलने के बाद सीधे सेमीफाइनल में एंट्री मिली. चूंकि कॉमनवेल्थ गेम्स बॉक्सिंग में सेमीफाइनल हारने वाले सभी खिलाड़ियों को ब्रॉन्ज मेडल मिलता है, इसलिए लवलीना का पोडियम पर स्थान पक्का हो गया है, भले ही उन्होंने अभी तक रिंग में कदम भी नहीं रखा है.
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CWG 2026 में भारत से क्यों नहीं की जा रही ज्यादा मेडल की उम्मीद?
लवलीना 31 जुलाई को अपना अभियान शुरू करेंगी. गोल्ड मेडल मुकाबले में जगह बनाने के लिए उनका मुक़ाबला ताफ़ाकी से होगा. लवलीना का मेडल पक्का होने से भारत को खेलों की आधिकारिक शुरुआत से पहले ही बूस्ट मिला है.देश ने ग्लास्गो में 124 सदस्यों का दल भेजा है. हालांकि 2026 के एडिशन में खेलों की संख्या कम कर दी गई है.फिर भी भारत कई खेलों में हिस्सा लेगा और कॉमनवेल्थ गेम्स में अपनी शानदार विरासत को और आगे बढ़ाने की उम्मीद करेगा.
लॉन बॉल्स के साथ भारत का अभियान शुरू
भारत का अभियान गुरुवार को दो लॉन बॉल्स मैचों के साथ शुरू होगा, जिसके बाद उसी दिन ओपनिंग सेरेमनी होगी. भारत एथलेटिक्स, बॉक्सिंग, वेटलिफ्टिंग, जूडो, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स, ट्रैक साइक्लिंग, बॉल्स और स्विमिंग के साथ-साथ पांच पैरा-खेलों (पैरा-एथलेटिक्स, पैरा-पावरलिफ्टिंग, पैरा-स्विमिंग, पैरा-ट्रैक साइक्लिंग और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल) में हिस्सा लेगा.
नीरज चोपड़ा पर नजर
एथलेटिक्स के मुकाबले 27 जुलाई से एक अगस्त तक होंगे, जिसमें ओलिंपिक चैंपियन नीरज चोपड़ा पर हर किसी की नजर होगी.मौजूदा वर्ल्ड चैंपियन नीरज चोट के कारण बर्मिंघम 2022 में हिस्सा न ले पाने के बाद एक बार फिर इस खिताब को जीतने की कोशिश करेंगे.उन्होंने 2018 में यह खिताब जीता था. भारत के लिए वेटलिफ्टिंग से भी कई मेडल मिलने की उम्मीद है, जिसमें ओलिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट और दो बार की कॉमनवेल्थ गेम्स चैंपियन मीराबाई चानू भारतीय चुनौती की अगुआई करेंगी.लवलीना का पोडियम पर स्थान पक्का होने के साथ ही भारत ने गेम्स के आधिकारिक तौर पर शुरू होने से पहले ही ग्लासगो 2026 कैंपेन की शानदार शुरुआत कर ली है.
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