ग्लासगो में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में इतिहास रचने के बाद भारत के पुरुष T47 100 मीटर इवेंट में गोल्ड और सिल्वर मेडल जीतने वाले दिलीप गावित और मोहम्मद बासिल ने IOA की मीडिया कमेटी के एक सदस्य के खिलाफ खेल मंत्रालय और इंडियन ओलिंपिक एसोसिएशन (IOA) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है.उन्होंने आरोप लगाया है कि उस सदस्य ने देश के पैरा एथलीटों के साथ बुरा और अपमानजनक व्यवहार किया. गावित, बासिल और पैरा एथलेटिक्स कोच पुष्पा एनपी ने अलग-अलग शिकायतें दर्ज कराई हैं.पुष्पा एनपी ग्लासगो में भारतीय दल का हिस्सा थीं.टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार पैरालिंपिक कमेटी ऑफ इंडिया (PCI) के CEO राहुल स्वामी ने भी मंत्रालय और IOA को इसी तरह की शिकायत सौंपी है.
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CWG 2026 में कैसा रहा भारत के पैरा एथलीटों का प्रदर्शन?
सोर्स के अनुसार शिकायतों में IOA की मीडिया कमेटी के सदस्य सर्वेश केडिया का नाम है.वे भारतीय दल के प्रेस अताशे के तौर पर ग्लासगो गए थे और उन्हें शेफ-डी-मिशन के ऑफिस से जोड़ा गया था.केडिया उन 14 IOA अधिकारियों में शामिल थे जो भारत के एबल और पैरा एथलीटों के संयुक्त दल के साथ गए थे.
केडिया के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग
रिपोर्ट के अनुसार एक शिकायत में पुष्पा ने आरोप लगाया कि केडिया उनके मेडल जीतने वाले एथलीटों दिलीप गावित और बेसिल और कोचों से जोर-जोर से बात कर रहे थे. उन्होंने कहा कि इस घटना में वे और पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच सत्यनारायण शामिल थे.उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे पक्का करें कि केडिया भविष्य में किसी भी पैरा एथलेटिक्स मीडिया बातचीत में शामिल न हों और उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग की.
हाथापाई तक की नौबत
घटना 30 जुलाई की है, जब गावित गेम्स रिकॉर्ड 10.71 सेकंड का समय लेकर कॉमनवेल्थ गेम्स एथलेटिक्स में गोल्ड मेडल जीतने वाले भारत के पहले पुरुष पैरा-एथलीट बने.इसके बाद बेसिल ने 10.83 सेकंड का अपना अब तक का सबसे अच्छा समय निकालते हुए सिल्वर मेडल जीता, जिससे भारत ने पुरुषों की T47 100 मीटर फाइनल में ऐतिहासिक रूप से पहला और दूसरा स्थान हासिल किया. सोर्स के अनुसार अनिवार्य डोप-कंट्रोल प्रक्रियाओं के लिए जाने से पहले एथलीटों की मीडिया से बातचीत की व्यवस्था को लेकर केडिया और सत्यनारायण के बीच तीखी बहस हुई.कहा जा रहा है कि यह बहस थोड़ी देर के लिए हाथापाई में बदल गई, जिसके बाद कोच और एथलीटों ने बीच-बचाव करके स्थिति को शांत किया.खबरों के मुताबिक इस घटना से पैरा-एथलेटिक्स दल के कई सदस्य बहुत परेशान हुए, जिसके बाद एथलीटों, कोचों और PCI अधिकारियों ने खेल मंत्रालय और IOA को औपचारिक शिकायतें सौंपकर कार्रवाई की मांग की.
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