कॉमनवेल्थ गेम्स को लेकर अक्सर भारतीय खिलाड़ियों और फैंस में गजब का उत्साह रहता है.खिलाड़ी मेडल की बारिश करने की कोशिश में लगे रहते हैं और ऐसा क्यों न हो? भारत कॉमनवेलथ गेम्स में लगातार सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले देशों में से एक रहा है. 2022 में भारत ने 61 मेडल जीतकर अपने कुल मेडल की संख्या में और इजाफा किया. इनमें 22 गोल्ड, 16 सिल्वर और 23 ब्रॉन्ज मेडल शामिल थे.
ADVERTISEMENT
कौन हैं CWG 2026 में चुनौती पेश करने वाले भारत के उम्रदराज और सबसे युवा खिलाड़ी
इसके साथ ही CWG में भारत के कुल मेडल की संख्या 564 हो गई, जिसमें 203 गोल्ड, 190 सिल्वर और 171 ब्रॉन्ज मेडल शामिल हैं. इस इवेंट की तैयारी का माहौल भी हमेशा रोमांचक रहा, क्योंकि कई बेहतरीन एथलीट बड़े मंच पर अपना हुनर दिखाने के लिए वहां पहुंचे थे, लेकिन इस बार सब कुछ थोड़ा शांत लग रहा है, क्योंकि इस बार कई बड़े खिलाड़ी नजर नहीं आएंगे. वो खेले, जिससे भारत सबसे ज्यादा मेडल जीते, वो इस एडिशन का हिस्सा नहीं है.
कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत ने किन खेलों में जीते सबसे ज्यादा मेडल?
| खेल | गोल्ड | सिल्वर | ब्रॉन्ज | कुल |
| शूटिंग | 63 | 44 | 28 | 135 |
| वेटलिफ्टिंग | 46 | 51 | 36 | 135 |
| रेसलिंग | 49 | 39 | 26 | 114 |
| बॉक्सिंग | 11 | 13 | 20 | 44 |
| एथलेक्टिस | 6 | 14 | 16 | 36 |
| बैडमिंटन | 10 | 8 | 13 | 31 |
| टेबल टेनिस | 10 | 5 | 13 | 28 |
| जूडो | 0 | 5 | 6 | 11 |
| आर्चरी | 3 | 1 | 4 | 8 |
| फील्ड हॉकी | 1 | 4 | 1 | 6 |
कॉमनवेल्थ गेम्स 2022 में भारत
बर्मिंघम में भारत ने कुल 61 मेडल जीते, जिनमें से 12 मेडल रेसलिंग में मिले. इसका मतलब है कि सभी 12 रेसलर्स ने मेडल जीते. बैडमिंटन में छह मेडल मिले, जिनमें तीन गोल्ड शामिल थे. बर्मिंघम गेम्स में टेबल टेनिस में सात मेडल मिले, जबकि हॉकी में दो और क्रिकेट में एक मेडल मिला. इस तरह सिर्फ़ पांच खेलों से ही कुल 61 में से 28 मेडल मिले और इस बार ये सभी खेल शामिल नहीं हैं. इसके अलावा भारत के लिए सबसे ज़्यादा मेडल दिलाने वाले खेलों में से एक शूटिंग इन खेलों का हिस्सा नहीं होगा. CWG में भारत के कुल 564 मेडलों में से 135 मेडल शूटिंग में ही मिले हैं, लेकिन 2018 से इसे खेलों से बाहर रखा गया है.
CWG 2026 में खेल क्यों हुए कम ?
पिछले एडिशन में 19 इवेंट्स थे, लेकिन इस बार इन्हें घटाकर सिर्फ 10 कर दिया गया है. यह बदलाव तब किया गया, जब विक्टोरिया (ऑस्ट्रेलिया) ने बढ़ती लागत के कारण गेम्स की मेजबानी से हटने का फैसला किया. इसके बाद ग्लास्गो को बहुत कम बजट और आसान फ़ॉर्मेट के साथ बचाव के लिए आगे आना पड़ा.
इन कटौतियों का मतलब था कि भारत की पदक जीतने की कुछ बड़ी उम्मीदें खत्म हो गई. CWG में भारत के कुल पदकों में से 114 पदक कुश्ती से आए हैं, जबकि बैडमिंटन से 31 पदक मिले हैं. टेबल टेनिस ने कुल 28 पदकों जीते. वहीं मौजूदा हॉकी टीमें भी पोडियम तक पहुंचने की दौड़ में शामिल हो सकती थीं.
ग्लास्गो में इवेंट्स
3x3 बास्केटबॉल और 3x3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल, आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स,एथलेटिक्स और पैरा एथलेटिक्स, बॉल्स और पैरा बॉल्स, बॉक्सिंग,जूडो,नेटबॉल, स्विमिंग और पैरा स्विमिंग, ट्रैक साइक्लिंग और पैरा ट्रैक साइक्लिंग, वेटलिफ्टिंग और पैरा पावरलिफ्टिंग
क्या भारत के लिए सारी उम्मीदें खत्म हो गई हैं?
ऐसा नहीं है कि भारत के ज्यादा मेडल जीतने की उम्मीदें खत्म हो गई है.भारत CWG 2026 में एथलेटिक्स की एक मजबूत टीम के साथ उतरेगा. वर्ल्ड-क्लास इवेंट्स में नीरज चोपड़ा जैवलिन थ्रो में गोल्ड जीतने की कोशिश करेंगे. लॉन्ग-जम्पर मुरली श्रीशंकर मेडल जीतने के मजबूत दावेदार हैं.साथ ही ट्रिपल जंप और हाई जंप में भी कुछ बड़े खिलाड़ी अपनी दावेदारी पेश करेंगे.
लॉन्ग-डिस्टेंस रनर पारुल चौधरी और गुलवीर सिंह भी भारत को कामयाबी दिला सकते हैं. गुरिंदरवीर सिंह और अनिमेष कुजूर सबसे तेज भारतीय एथलीट बनने की होड़ में बने रहेंगे.इसके बाद सबकी नज़रें वेटलिफ्टिंग पर होंगी, जिससे ग्लासगो में कई मेडल मिलने की उम्मीद है. मुख्य स्टार CWG की मौजूदा चैंपियन और टोक्यो ओलिंपिक मेडलिस्ट मीराबाई चानू होंगी.
ADVERTISEMENT











