नेशनल रिकॉर्ड होल्डर तेजस शिरसे ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में पुरुषों की 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंचकर पहले ही इतिहास रच दिया.वह इस दौड़ के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय एथलीट बने, लेकिन इसके बाद फाइनल में उन्होंने जो हिम्मत दिखाई,उसे पूरी दुनिया सलाम कर रही है. तेजस फाइनल में भले ही सबसे आखिरी आठवें स्थान रहे,मगर इसके बाद भी उन्होंने करोड़ों लोगों का दिल जीत लिया. हर कोई उनके जज्बे की तारीफ कर रहा है.
वार्म-अप के दौरान लगी चोट
देर रात हुए फाइनल में चोटिल शिरसे 15.39 सेकंड के समय के साथ आठवें और आखिरी स्थान पर रहे. उनका नेशनल रिकॉर्ड 13.27 सेकंड का है.शिरसे ने फाइनल के बाद पीटीआई को बताया कि वार्म-अप के दौरान उनके बाएं पैर में ‘नेविक्युलर स्ट्रेस फ्रैक्चर’ हो गया था.वह हटना नहीं चाहते थे, इसलिए उन्होंने फिजियो से उसे टेप करने के लिए कहा. उन्होंने कहा कि वह कॉमनवेल्थ गेम्स में 110 मीटर बाधा दौड़ के फाइनल में पहुंचने वाले पहले भारतीय हैं. इसलिए वह पीछे हटकर पूरे देश को निराश नहीं करना चाहते थे.
शिरसे ने कहा कि सितंबर-अक्टूबर में होने वाले एशियन गेम्स में उनकी संभावनाओं पर टिप्पणी करना अभी जल्दबाजी होगी. उन्होंने कहा कि यह नई चोट नहीं है, पहले भी ऐसा हुआ था. उन्हें पहले स्कैन करवाने होंगे. शिरसे का इस सीजन का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन और नेशनल रिकॉर्ड 13.27 सेकंड का है, जो उन्होंने पिछले महीने लुधियाना में हुई इंडियन एथलेटिक्स सीरीज-9 के दौरान बनाया था.




