नई दिल्ली। यूएई और ओमान में जारी आईसीसी टी20 विश्व कप से अब मेजबान भारत ही बाहर होने की कगार पर आ खड़ा हुआ है. पहला मैच पडोसी मुल्क पाकिस्तान से बुरी तरह हारने के बाद भी टीम इंडिया जीत की पटरी पर नहीं लौट सकी और दूसरे मैच में उसे डाउन अंडर कही जाने वाली न्यूजीलैंड ने भी बुरी तरह आठ विकेट से हराया. इन दोनों मैचों में गेंदबाज तो लचर रहे ही लेकिन प्रमुख रूप से टीम इंडिया की हार का विलेन बल्लेबाज बने. जिनकी चारों तरफ जमकर आलोचना भी हो रही है. इस बीच आज तक के 'अब कप हो जाए' कार्यक्रम में भारतीय क्रिकेट के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने कहा कि टीम इंडिया के बल्लेबाज नॉकआउट मैच में न्यूजीलैंड के खिलाफ घबराए से लगे. जिसके चलते हमें हार का सामना पड़ा.
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गौरतलब है कि न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले बल्लेबाजी करने उतरी टीम इंडिया के बल्लेबाज मैदान में बड़े शॉट्स लगाने के चक्कर में अपने विकेट फेंकते नजर आए. जिसका आलम यह रहा कि टीम इंडिया 20 ओवर में सिर्फ 110 रन ही बना पाई. इस तरह बल्लेबाजों के बारे में गावस्कर ने कहा, "मेरे विचार से नॉकआउट मैच और लीग मैच में थोड़ा फर्क होता है. आईपीएल के लीग मैच में यही बल्लेबाज जमकर शॉट्स खेलते हैं क्योंकि उन्हें किसी बात का डर नहीं रहता है लेकिन जब प्लेऑफ का दौर आता है तो इनका रवैया बदल जाता है और काफी संभलकर खेलते हैं. मेरे विचार से यही चीज न्यूजीलैंड के खिलाफ देखने को मिली क्योंकि इस तरह के करो या मरो के मुकाबले में सभी बल्लेबाज हिचकिचाते और घबराते हुए नजर आए. जिसके चलते हमें बुरी हार का सामना करना पड़ा क्योंकि वह अपना नैचुरल खेल ही नहीं खेल सके."
टीम इंडिया के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती और रंवीद्र जडेजा दोनों की जोड़ी पाकिस्तान के बाद न्यूजीलैंड के खिलाफ भी कोई विकेट नहीं ले सकी. जबकि अन्य देशों के स्पिन गेंदबाजों ने इन पिचों पर कहर बरपा रखा है. जिसमें प्रमुख रूप से लेग स्पिन गेंदबाज आदिल राशिद और राशिद खान जैसे नाम शामिल है. जबकि भारत ने अपने प्रमुख लेग स्पिनर रहे युजवेंद्र चहल को टी20 विश्व कप टीम का हिस्सा भी नहीं बनाया. उनकी जगह राहुल चाहर को टीम में शामिल तो किया लेकिन प्लेइंग इलेवन में नहीं खिलाया.
ऐसे में चहल की कमी खलने के बारे में जब गावस्कर से पूछा गया तो उन्होंने कहा, "रवींद्र जडेजा जिस तरह से आईपीएल खेल रहे थे और पिछले सालों में जिस तरह से उनका फॉर्म है तो उनको तो खेलना ही था. बाकी उनके साथ दूसरा जो स्पिनर वरुण चक्रवर्ती हैं, उनके पास मिस्ट्री थी तो सबने सोचा कि वह कुछ करके दिखाएंगे लेकिन ऐसा कुछ हुआ नहीं. हालांकि उन्होंने भी खराब गेंदबाजी नहीं कि लेकिन आप अपनी डगमगाती बल्लेबाजी के कारण तीसरे स्पिनर के साथ मैदान में नहीं उतरे. इसलिए आपने अंत में बल्लेबाजी के लिए हार्दिक पांड्या को चुना वह भी कुछ ख़ास नहीं कर सके."
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