भारत के पूर्व अंडर-19 क्रिकेटर और जाफना किंग्स के को-ओनर मनजोत कालरा श्रीलंका में हिरासत में ही रहेंगे. कोलंबो की एक अदालत ने लंका प्रीमियर लीग 2026 से जुड़े कथित मैच-फिक्सिंग मामले में उनकी जल्द जमानत की अर्ज़ी खारिज कर दी है. इस महीने के शुरुआत में गिरफ़्तारी के बाद 31 जुलाई तक हिरासत में भेजे गए कालरा और उनके साथी भारतीय नागरिक युवराज पुष्पा ने जमानत के लिए कोलंबो के चीफ मजिस्ट्रेट असांगा एस. बोदारागामा से अपील की थी.
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PTI के अनुसार बचाव पक्ष के वकील फर्नांडो ने मेडिकल आधार पर उनकी रिहाई की मांग की थी और कोर्ट को बताया कि दोनों आरोपी बीमार हैं. हालांकि अभियोजन पक्ष ने इस अर्जी का विरोध किया और कहा कि श्रीलंका पुलिस की खेल से जुड़े अपराधों की रोकथाम के लिए विशेष जांच इकाई की जांच अभी भी चल रही है. इसके बाद मजिस्ट्रेट ने जमानत की अर्ज़ी खारिज कर दी और मौजूदा रिमांड आदेश को 31 जुलाई तक जारी रखने की अनुमति दे दी.कालरा भारत की 2018 अंडर-19 वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय टीम के स्टार रहे थे.
पांच खिलाड़ियों ने की शिकायत
यह मामला उन आरोपों से जुड़ा है, जिनमें कहा गया है कि LPL 2026 में हिस्सा ले रहे खिलाड़ियों को मैच फिक्सिंग के लिए प्रभावित करने की कोशिश की गई थी. शुरुआत में जांचकर्ताओं से शिकायत करने वाले खिलाड़ियों में श्रीलंका के इंटरनेशनल खिलाड़ी भानुका राजपक्षे, अविष्का फर्नांडो और डुनिथ वेलालेज के नाम शामिल थे. हाल की कार्यवाही के दौरान अदालत को बताया गया कि दो और स्थानीय क्रिकेटर भी इस शिकायत में शामिल हो गए हैं, जिससे इसमें शामिल खिलाड़ियों की कुल संख्या पांच हो गई है.
टेलीफोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई
जांचकर्ताओं ने पहले कोलंबो कोर्ट को बताया था कि खिलाड़ियों ने कथित तौर पर फिक्सिंग से जुड़े प्रस्तावों के साथ संपर्क किया गया था. शुरुआती रिमांड कार्यवाही के दौरान दी गई जानकारी के अनुसार अधिकारियों ने दावा किया कि खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्स करप्शन इन्वेस्टिगेशन यूनिट को सूचित किया और बाद में जांचकर्ताओं के निर्देशों के तहत संदिग्धों के साथ बातचीत जारी रखी. जांचकर्ताओं ने कोर्ट को यह भी बताया है कि कथित संपर्क से जुड़ी टेलीफोन पर हुई बातचीत रिकॉर्ड की गई थी और वीडियो सबूत भी उपलब्ध थे. बचाव पक्ष ने आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि ऐसा कोई सबूत नहीं है जिससे यह साबित हो कि कालरा ने रिश्वत की पेशकश की थी.
बड़े बदलावों के समय विवाद
कालरा की गिरफ्तारी LPL 2026 की शुरुआत के आसपास हुई, जो 17 जुलाई को शुरू हुआ और 8 अगस्त तक चलने वाला है.यह विवाद जाफना किंग्स में पर्दे के पीछे हुए बड़े बदलावों के समय ही हुआ है.23 जुलाई को LPL के कमर्शियल राइट्स होल्डर 'इनोवेटिव प्रोडक्शन ग्रुप' ने श्रीलंका क्रिकेट के साथ सलाह-मशविरा करके स्पोर्ट्स कम्यून के साथ फ्रेंचाइज एग्रीमेंट खत्म कर दिया.स्पोर्ट्स कम्यून के पास जाफना किंग्स के अधिकार थे और एग्रीमेंट खत्म करने की वजह वित्तीय दायित्वों को पूरा करने में उनकी विफलता बताई गई.तब से लीग और श्रीलंका क्रिकेट ने फ्रेंचाइज का ऑपरेशनल कंट्रोल अपने हाथ में ले लिया है.हालांकि जाफना किंग्स उसी नाम, उसी स्क्वाड और उसी शेड्यूल के साथ खेलना जारी रखे हुए है.
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