टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर होने के बाद श्रीलंकाई कप्तान ने खुद को 'फेलियर' क्यों कहा?

श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टु का कहना है कि उन्हें इस बात का बहुत दुख है कि लगभग 18 साल तक देश के लिए खेलने के बावजूद वह अपनी टीम को ODI या T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंचा पाईं.

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श्रीलंका की टीम टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है. (PC: Getty)

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श्रीलंका की टीम टी20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गई है.

वेस्ट इंडीज ने श्रीलंका को पांच विकेट से हराया.

श्रीलंका टीम महिला टी20 वर्ल्ड कप 2026 से बाहर हो गई है, जिसके बाद उनकी कप्तान चमारी अटापट्टु ने खुद को फेलियर बताया. उन्होंने कहा कि एक कप्तान के तौर पर वह नाकाम रही हैं. उन्हें इस बात का बहुत दुख था कि लगभग 18 साल तक देश के लिए खेलने के बावजूद वह अपनी टीम को ODI या T20 वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल तक नहीं पहुंचा पाईं. वेस्ट इंडीज के ख‍िलाफ मिली पांच विकेट से हार वाले मैच में 13 वाइड समेत 23 एक्स्ट्रा रन देने के अलावा श्रीलंका उन मौकों का भी फायदा नहीं उठा पाई जो उन्हें मिले थे. 

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कम स्कोर वाले मैच में जहां मोमेंटम बहुत जरूरी होता है, उन्होंने बहुत आसानी से विरोधी टीम को वापसी का मौका दे दिया. श्रीलंका की टीम पहले बैटिंग करते हुए 19.4 ओवर में 98 रन पर सिमट गई. जवाब में वेस्ट इंडीज ने 16.1 ओवर में पांच विकेट के नुकसान पर लक्ष्य हासिल कर लिया. 

कप्तान के तौर पर नाकाम

मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में अटापट्टु ने कहा कि यह दुख शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. उन्हें लगता है कि वह नेशनल टीम के लिए लगभग 18 साल तक खेली हैं, लेकिन वह कभी भी अपनी टीम को वर्ल्ड कप के सेमीफाइनल में नहीं ले जा पाई. भले ही उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कई उपलब्धियां हासिल की हों, लेकिन उन्हें लगता है कि एक कप्तान के तौर पर वह नाकाम रही हैं. 

अटापट्टु ने कहा कि उन्हें लगता है कि यह किसी खिलाड़ी के लिए बहुत दर्दनाक बात है. असल में अब उन्हें उस दर्द के साथ ही रहना होगा. श्रीलंकाई कप्तान उन तीन बल्लेबाजों में से एक थे जो शुरुआती तीन ओवरों में ही आउट हो गए. वेस्ट इंडीज की टीम अपने पिछले तीनों मैच जीतकर वे ग्रुप B में इंग्लैंड के बराबर आ गए हैं और अभी भी सेमीफ़ाइनल में पहुंचने के लिए सबसे मज़बूत दावेदार बने हुए हैं. अटापट्टु ने कहा कि उन्हें लगता है कि उन्होंने अपनी पूरी कोशिश की और उन्हें इससे ज़्यादा ज़िम्मेदारी से खेलना चाहिए था. उन्होंने कहा कि अगर वह इससे ज़्यादा ज़िम्मेदारी से खेलती, तो यह मैच जीत सकते थे. इसलिए उन्हें इसका अफसोस है. 

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