FIFA WC 2026 : मेसी मैजिक के आगे बेबस नजर आए अंग्रेज, 60 साल में तीसरा सेमीफाइनल हारा इंग्लैंड, अर्जेंटीना ने फाइनल मे जाकर दोहराया बड़ा करिश्मा

फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराकर शानदार जीत दर्ज की. लियोनेल मेसी ने गोल नहीं किया, लेकिन दो बेहतरीन असिस्ट देकर जीत के सबसे बड़े नायक साबित हुए.

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Argentina players lift Lionel Messi #10

जीत के बाद जश्न मनाते अर्जेंटीना के खिलाड़ी

Story Highlights:

अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से हराया

लियोनेल मेसी ने दो शानदार असिस्ट दिए

FIFA WC 2026: फीफा वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे सेमीफाइनल में भी मेसी मैजिक दुनिया को एक बार फिर से देखने को मिला. अर्जेंटीना के महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी ने गोल तो नहीं किए, लेकिन दो शानदार असिस्ट देकर उन्होंने अंग्रेजों को घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में इंग्लैंड की टीम एक गोल करके आगे चल रही थी, लेकिन उसके बाद मैच के अंतिम 15 मिनट में अर्जेंटीना ने अचानक प्लानिंग में बदलाव किया और दो गोल दागकर 2-1 की जीत से ऐतिहासिक फाइनल में कदम रख दिया. इस तरह अर्जेंटीना साल 1986 और 1990 वर्ल्ड कप के लगातार दो फाइनल खेलने के बाद दूसरी बार साल 2022 का फाइनल खेलने के बाद साल 2026 के फाइनल में आ गई है. यानी लगातार दो बार दो फाइनल खेलने वाली टीम बन गई है. वहीं इंग्लैंड की टीम 1966 के बाद से अभी तक वर्ल्ड कप का सेमीफाइनल नहीं जीत सकी है. उसकी टीम को इस बीच 1990, 2018 और अब 2026 के रूप में तीन सेमीफाइनल हारने पड़े.

पहले हाफ में 19 फाउल हुए और एक भी गोल नहीं हुआ

अर्जेंटीना के सामने जब इंग्लैंड की टीम मैदान पर उतरी तो उसे जीत का अधिक प्रबल दावेदार बताया जा रहा था. क्योंकि इंग्लैंड की टीम मेक्सिको को उसके घर में, जबकि उसके बाद मजबूत नॉर्वे को हराकर सेमीफाइनल तक आई थी. वहीं अर्जेंटीना ने अंत में केप वर्डे से तो उसके बाद कुछ इसी तरह की जीत स्विट्जरलैंड के खिलाफ भी दर्ज की थी. यानी देखा जाए तो अर्जेंटीना का किसी तगड़ी टीम के खिलाफ वर्ल्ड कप में यह पहला मुकाबला था. मैच के पहले हाफ में दोनों टीमों के खिलाड़ी काफी अधिक आक्रामक होने के चलते एक के बाद एक फाउल करते जा रहे थे. जिसके चलते अर्जेंटीना के खिलाड़ियों ने 12 फाउल किए तो सात फाउल इंग्लैंड ने भी किए. इस तरह कुल 19 फाउल हुए, लेकिन एक भी गोल नहीं हुआ. जबकि दोनों टीमों में कोई भी खिलाड़ी शॉट को टारगेट पर नहीं लगा सका.

पहला गोल दागकर ठंडी पड़ गई इंग्लैंड

पहला हाफ 0-0 पर समाप्त हुआ तो उसके बाद इंग्लैंड ने पहले तो गेंद पर कब्जा जमाया और मैच के 55वें मिनट में ऐंथनी गॉर्डन ने बेहतरीन गोल करके इंग्लैंड को 1-0 की बढ़त दिला दी. गॉर्डन के इस गोल पर स्टैंड्स में बैठे पूर्व इंग्लिश स्टार डेविड बैकहम भी खुशी से झूम उठे. पहला गोल दागने के बाद अटैक पर अटैक करने वाली इंग्लिश टीम लेकिन ठंडी पड़ गई और उनके मैनेजर थॉमस ट्यूशेल ने रक्षात्मक प्रणाली अपनाई. इंग्लैंड को यही चीज भारी पड़ गई और इससे अर्जेंटीना के खिलाड़ियों को अधिक से अधिक गेंद खेलने का मौका मिला.

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अटैक नहीं, डिफेंस से बिखर गया इंग्लैंड

71वें मिनट में ट्यूशेल ने गॉर्डन को बाहर बुला लिया और डिफेंस में एक और खिलाड़ी बढ़ा दिया. इतना ही नहीं, 82वें मिनट में इंग्लैंड के छह डिफेंडर मैदान पर आ गए थे. जिससे मिडफील्ड खाली हो गई और अर्जेंटीना ने मेसी को राइट विंग पर शिफ्ट कर दिया. अर्जेंटीना की यह चाल कामयाब रही और मेसी ने राइट साइड से दो असिस्ट दिए. जिस पर एक गोल एंजो फर्नांडीज ने 85वें मिनट में करके टीम को बराबरी पर ला दिया. जबकि इसके बाद इंजरी टाइम में फिर से मेसी ने राइट साइड से गेंद को हवा में सटीक तरीके से उछाला, जिस पर गोल पोस्ट के सामने खड़े लाउतारो मार्टिनेज ने हेडर के जरिए अर्जेंटीना के लिए विजयी गोल दाग दिया. मेसी के कमाल के प्रदर्शन से एक बार फिर अर्जेंटीना की टीम फाइनल में आ गई है और अब उसकी टीम लगातार दूसरी बार वर्ल्ड कप ट्रॉफी अपने नाम करना चाहेगी. जबकि दूसरी तरफ इंग्लैंड का 1966 के बाद दूसरी बार वर्ल्ड कप जीतने का सपना डिफेंस करने के चलते बिखर गया.

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