फीफा वर्ल्ड कप 2026 के पहले मैच में मेक्सिको ने साउथ अफ्रीका को 2-0 से हरा दिया, मगर टूर्नामेंट के पहले ही मैच में बवाल मच गया और बवाल की वजह है तीन रेड कार्ड, जिसे लेकर साउथ अफ्रीका के कोच ह्यूगो ब्रूस नाराज हैं. उन्होंने पहले रेड कॉर्ड को तो स्वीकार कर लिया, मगर दूसरे पर सवाल खड़े किए हैं. इस पूरे मैच की कहानी तीन रेड कार्ड और दो गोल रहे. जहां जूलियन क्विनोन्स (9वें मिनट) और राउल जिमेनेज (67वें मिनट) ने मेजबान मेक्सिको के लिए गोल किए, वहीं उनके साथी खिलाड़ी सीज़र मोंटेस को 92वें मिनट में मैदान से बाहर भेज दिया गया. इसके बाद साउथ अफ्रीका के दो खिलाड़ी स्फेफेलो सिथोले और थेम्बा जवाने को भी रेड कार्ड दिखाकर बाहर भेज दिया गया.
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2010 के बाद पहली बार वर्ल्ड कप खेल रहे साउथ अफ्रीका पर संयुक्त मेजबान मेक्सिको की टीम हावी रही. मेक्सिको कतर में हुए पिछले टूर्नामेंट की कड़वी यादों को भुलाकर मैदान पर उतरी, जहां वह 1978 के बाद पहली बार ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ पाई थी.
तीन रेड कार्ड वाला पहला मैच
मेक्सिको ने टूर्नामेंट के ओपनिंग मैच में अपने विरोधियों पर दबदबा बनाए रखा. विरोधी टीम का अटैक कमजोर था और उनका व्यवहार भीअनुशासनहीन रहा, जिसके कारण याया सिथोले और थेम्बा ज़वाने को मैदान से बाहर भेज दिया गया. स्टॉपेज टाइम में मेक्सिको सिटी स्टेडियम में माहौल गरमा गया और मेक्सिको के सीजर मोंटेस को गोल करने का मौका रोकने के कारण मैदान से बाहर भेज दिया गया. यह वर्ल्ड कप का पहला ऐसा मैच बन गया जिसमें तीन रेड कार्ड दिखाए गए. 2022 वर्ल्ड कप में पूरे टूर्नामेंट के दौरान सिर्फ चार रेड कार्ड दिखाए गए थे.
एक ही वर्ल्ड कप मैच में दो रेड कार्ड पाने वाली पहली टीम
मेक्सिको ने ग्रुप A में अच्छी शुरुआत करते हुए 2-0 से जीत हासिल की. उन्होंने कई मौके बनाए और ज़्यादातर समय खेल पर अपना कंट्रोल बनाए रखा, जिससे मेक्सिको सिटी स्टेडियम में मौजूद फैंस और ज़्यादा की उम्मीद कर रहे थे और स्कोरलाइन से थोड़े निराश भी थे. साउथ अफ़्रीका ने मैच में अपनी स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन जवाने के एक बेकाबू स्विंग और हिंसक व्यवहार के कारण उन्हें रेड कार्ड मिलने से सारी योजनाएं धरी की धरी रह गईं. इसके साथ ही 2006 के बाद से साउथ अफ्रीका एक ही वर्ल्ड कप मैच में दो रेड कार्ड पाने वाली पहली टीम बन गई.
दूसरे रेड कार्ड पर सवाल
हालांकि मैच के बाद साउथ अफ्रीका के कोच ने दूसरे रेड कार्ड पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि दूसरे रेड कार्ड के मामले में मैक्सिकन खिलाड़ी ने उनकी टीम के खिलाड़ी के साथ फाउल किया था, लेकिन रेफरी ने कुछ और ही फैसला किया. मेक्सिको के लिए इस जीत का मतलब है कि वे एक सप्ताह बाद साउथ कोरिया के साथ होने वाले अहम मुक़ाबले से पहले थोड़ा आराम कर सकते हैं. अब साउथ अफ़्रीका के लिए चुनौती बड़ी होगी और अपनी उम्मीदें बनाए रखने के लिए उन्हें उसी दिन चेक गणराज्य के ख़िलाफ़ बड़ी जीत हासिल करनी होगी.
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