एक जैसा फाउल, अलग सजा? बालोगुन को रेड कार्ड लेकिन मेसी को नहीं, भड़के फैंस ने FIFA को घेरा, जानें क्या है विवाद ?

फीफा वर्ल्ड कप 2026 में VAR फैसलों को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. अमेरिका के फोलारिन बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ एक फाउल पर सीधे रेड कार्ड दिया गया, जिसके चलते वह अगले अहम मुकाबले से बाहर हो गए.

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Balogun vs Messi red card controversy

बालोगुन बनाम मेसी रेड कार्ड विवाद

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फीफा वर्ल्ड कप 2026 में VAR फैसलों पर विवाद बढ़ा

फोलारिन बालोगुन को बोस्निया के खिलाफ रेड कार्ड मिला

FIFA WC 2026 : फीफा वर्ल्ड कप 2026 अमेरिका, मैक्सिको और कनाडा में खेला जा रहा है, जिसमें VAR को लेकर जहां वॉर जारी है. इस बीच अमेरिका के फोलारिन बालोगुन को जब से रेड कार्ड दिया गया, उसके बाद से विवाद बढ़ता ही जा रहा है. अब तो फैंस इसी वर्ल्ड कप 2026 में लियोनेल मेसी की वो गलती लेकर सामने आ गए हैं, जिसके चलते उन्हें एक भी कार्ड नहीं दिया गया, जबकि उसी तरह की गलती पर अमेरिका के फोलारिन बालोगुन को रेड कार्ड दे दिया गया. इसके चलते वो अमेरिका के लिए ऐतिहासिक राउंड ऑफ 16 का मुकाबला बेल्जियम के खिलाफ नहीं खेल सकेंगे. यही कारण है कि अब बालोगुन को मिलने वाली सजा के बाद फैंस मेसी का नाम लेकर फीफा पर पक्षपात करने का आरोप लगा रहे हैं.

बालोगुन ने बोस्निया के सामने क्या किया?

दरअसल, अमेरिकी टीम जब राउंड ऑफ 32 का नॉकआउट मुकाबला बोस्निया के खिलाफ खेल रही थी, तभी मैच के 64वें मिनट में उनसे एक भारी गलती हो गई. एंटोनी रॉबिन्सन ने जब गेंद को हवा में उछाला, तो उसके बाद गेंद पर कब्जा जमाने के चक्कर में बालोगुन का पैर बोस्निया के मुहारेमोविच के पैर के पीछे जाकर लगा. यह एक सामान्य टैकल नजर आ रहा था, तो मैदानी रेफरी ने कुछ नहीं किया, मगर VAR के जरिए रेफरी राफेल क्लॉस ने जब इसे रिव्यू किया तो पता लगा कि यह एक फाउल प्ले था और बालोगुन को रेड कार्ड दे दिया गया. इसके बाद सभी हैरान रह गए और बालोगुन को मैदान से बाहर जाना पड़ा.

 

बालोगुन के रेड कार्ड पर क्या है फीफा का नियम?

बालोगुन की घटना का वीडियो जब सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो फैंस उनके साथ खड़े नजर आए. इस घटना में बालोगुन का पैर अनजाने में विरोधी खिलाड़ी की काफ मसल को प्रेस करता नजर आ रहा है. जबकि रेफरी ने इसे जानबूझकर किया हुआ माना या फिर इसे विरोधी खिलाड़ी की सुरक्षा के खिलाफ माना. इसके चलते बालोगुन को रेड कार्ड दिया गया और अब वह अगले मैच में खेलते नजर नहीं आएंगे. फीफा के नियम के अनुसार अगर कोई खिलाड़ी विरोधी टीम के खिलाड़ी की सुरक्षा को खतरे में डालते हुए या अत्यधिक ताकत से टैकल करता है, तो उसे सीरियस फाउल प्ले माना जाता है. इसके लिए सीधे रेड कार्ड का प्रावधान रखा गया है.

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मेसी का वीडियो क्यों हुआ वायरल?

बालोगुन को रेड कार्ड देने के बाद ही सोशल मीडिया पर लियोनेल मेसी वायरल होने लगे. बालोगुन के समर्थन में फैंस ने मेसी का वह वीडियो सामने रखा, जिसमें उन्होंने अल्जीरिया के खिलाफ ठीक इसी तरह का काम किया था. लेकिन मेसी को रेड कार्ड तो दूर की बात, येलो कार्ड भी नहीं मिला और वह खेलते रहे. मेसी का नाम लेकर फैंस ने फीफा पर आरोप लगाया कि फुटबॉल के नियम स्टार खिलाड़ियों के लिए अलग और बाकी खिलाड़ियों के लिए अलग हैं. फैंस का कहना है कि फीफा मेसी के खिलाफ कभी एक्शन लेने की हिम्मत नहीं जुटा सकता.मेसी को क्यों नहीं मिला रेड कार्ड?

 

 

मेसी को क्यों नहीं मिला रेड कार्ड?

मेसी की घटना पर नजर डालें तो उनका पैर भी विरोधी टीम के खिलाड़ी की काफ मसल पर लगता नजर आया, लेकिन जैसे ही मेसी ने देखा कि उनका पैर अल्जीरिया के खिलाड़ी के पैर के ऊपरी हिस्से को टच कर रहा है, तो उन्होंने तुरंत अपने पैर के प्रेशर को वापस खींचते हुए पैर को पीछे कर लिया. जबकि उनकी इस घटना के बाद VAR रेफरी ने भी चेक करने का कोई निर्देश नहीं दिया और ना ही मैदान पर मौजूद रेफरी को कुछ गलत नजर आया. जिससे मेसी बच गए और उनका पैर तुरंत पीछे खींच लेना ही सजा ना मिलने का बड़ा कारण माना जा रहा है. जबकि बालोगुन के केस में उनके शरीर का पूरा भार विरोधी खिलाड़ी की काफ मसल पर पड़ा और उसका पैर भी मुड़ गया था, जिसे सीरियस फाउल प्ले मानते हुए उन्हें रेड कार्ड दिया गया, जबकि मेसी अपने मामले में बच गए.

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