कोरियन मास्टर्स जीतकर अश्मिता चालिहा ने रचा इतिहास, सिंधु के मुकाम पर रखा कदम

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी अस्मिता चालिहा ने शानदार वापसी करते हुए अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीतकर इतिहास रच दिया. अस्मिता ने कोरिया मास्टर्स सुपर 300 के फाइनल में चीन की हान कीआन सी को 14-21, 21-14, 21-14 से हराया.

Profile

SportsTak

अपडेट:

google-icon
Asmitah Chaliha

मैच के दौरान शॉट खेलती अश्मिता चालिहा

Story Highlights:

अस्मिता चालिहा ने पहला BWF वर्ल्ड टूर खिताब जीता

अस्मिता ने मुकाबला 14-21, 21-14, 21-14 से जीता

भारतीय शटलर अस्मिता चालिहा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. अस्मिता ने इंजरी के बाद वापसी करते हुए अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर टाइटल कोरियन मास्टर्स 300 टूर्नामेंट अपने नाम किया. इसके साथ ही वह भारत के लिए साल 2026 में BWF वर्ल्ड टूर टाइटल जीतने वाली चौथी भारतीय महिला शटलर बन गईं. इस लिस्ट में सिंधु, देविका और तन्वी शर्मा का नाम भी शामिल है.

अस्मिता चालिहा ने रचा  इतिहास 

असम से आने वाली अस्मिता चालिहा ने शानदार खेल का नजारा पेश किया और कोरिया मास्टर्स सुपर 300 का खिताब अपने नाम किया. अस्मिता ने फाइनल में चीन की हान कीआन सी को तीन गेम तक चलने वाले मुकाबले में 14-21, 21-14, 21-14 से हराया. इसके साथ ही अस्मिता ने अपने करियर का पहला BWF वर्ल्ड टूर टाइटल हासिल किया, जिससे वो भारत के लिए BWF वर्ल्ड टूर टाइटल में वीमेंस सिंगल्स का खिताब जीतने वाली पांचवीं महिला खिलाड़ी बनीं. इससे पहले भारत की तन्वी शर्मा ताइपे ओपन में, पीवी सिंधु जापान ओपन में और देविका सिंहाग थाईलैंड मास्टर्स में जीत हासिल कर चुकी हैं, जबकि साइना नेहवाल भी BWF वर्ल्ड टूर टाइटल अपने नाम कर चुकी हैं.

देवदत्त पडिक्कल ने कोलंबो जाते ही कैसे ठोका शतक? कोच ने बताया पूरा 'ब्लूप्रिंट'

अस्मिता चालिहा ने इंजरी के बाद की वापसी 

26 साल की अस्मिता की बात करें तो फाइनल मुकाबले से पहले वह 50वीं रैंक की खिलाड़ी थीं. अब फाइनल जीतने के बाद उनकी रैंक 39वीं हो गई है. हालांकि असम से आने वाली स्टार शटलर अस्मिता इस माह भारत में होने वाली वर्ल्ड चैंपियनशिप में भाग नहीं ले सकेंगी. क्योंकि भारत के लिए महिला सिंगल्स के सिर्फ दो ही कोटे थे और इसमें पीवी सिंधु व उन्नति हुड्डा पहले ही भारतीय बैडमिंटन टीम में जगह बना चुकी हैं. अस्मिता के लिए वापसी आसान नहीं रही, क्योंकि दाहिने पैर के घुटने में चोट के चलते वह तीन माह तक कोर्ट से बाहर रही थीं और गुवाहाटी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में वह कोच पार्क तेइ-सांग के अंडर ट्रेनिंग करती हैं.

टीम इंडिया के इंजर्ड खिलाड़ियों से परेशान बोर्ड, अब BCCI ने उठाया ये बड़ा कदम

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share