भारत के आयुष शेट्टी ने दुनिया के नंबर एक खिलाड़ी कुनलावुत विटिडसर्न को हराकर बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप 2026 के फाइनल में जगह बना ली. यह उनके करियर की सबसे बड़ी जीत है. 20 साल के इस भारतीय खिलाड़ी ने शनिवार को निंगबो में एक गेम से पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 10-21, 21-19, 21-17 से एक यादगार जीत दर्ज की. इसी के साथ वह भारत का 61 साल का इंतजार खत्म करने से महज एक जीत दूर है. भारत ने सिंगल में पिछले 61 साल से यह चैंपियनशिप नहीं जीती है.दिनेश खन्ना इस खिताब को जीतने वाले एकमात्र भारतीय हैं. उन्होंने 1965 में इस चैंपियनशिप में मैंस सिंगल्स कैटेगरी का गोल्ड मेडल जीता था.
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पेरिस 2024 के सिल्वर मेडलिस्ट का सामना करते हुए आयुष शुरुआत में ही बैकफुट पर आ गए और पहला गेम आसानी से हार गए, मगर इसके बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी की और धीरे-धीरे मैच का रुख अपनी ओर मोड़ लिया.उन्होंने विटिडसर्न के हर पॉइंट का जवाब दिया और फिर निर्णायक गेम में पूरी तरह से मैच पर अपना नियंत्रण बना लिया.
ऐतिहासिक खिताब के करीब आयुष
यह जीत भारतीय बैडमिंटन के लिए एक ऐतिहासिक पल है. शेट्टी 1965 में दिनेश खन्ना के बाद इस चैंपियनशिप के पुरुष सिंगल के फाइनल में पहुंचने वाले केवल दूसरे भारतीय बन गए हैं. सेमीफाइनल में पहुंचकर उन्होंने पहले ही एक मेडल पक्का कर लिया था और ऐसा करने वाले वे 2018 में एचएस प्रणॉय के बाद सिंगल्स में पहले भारतीय पुरुष खिलाड़ी बने.
इस टूर्नामेंट में शेट्टी का सफर किसी चमत्कार से कम नहीं रहा है.दुनिया के 25वें रैंकिंग के खिलाड़ी शेट्टी ने अपने सफर की शुरुआत वर्ल्ड नंबर सात ली शी फ़ेंग पर जबरदस्त जीत के साथ की.अगले राउंड में उन्होंने चिन यू जेन को हराया. फिर वर्ल्ड नंबर 4 जोनाथन क्रिस्टी के खिलाफ को क्वार्टर-फाइनल में हराकर सेमीफाइनल में जगह बनाई.
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