बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया (BAI) ने बैडमिंटन में दुनिया की बड़ी ताकत के तौर पर अपनी जगह बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है. एसोसिएशन ने अपने पूरे घरेलू सिस्टम में बैडमिंटन वर्ल्ड फेडरेशन (BWF) के नए 3x15 स्कोरिंग सिस्टम को तुरंत लागू करने का ऐलान किया है. जनवरी 2027 में होने वाले जरूरी इंटरनेशनल बदलाव का इंतजार करने की बजाय यह नया फॉर्मेट 7 से 14 जुलाई 2026 तक एर्नाकुलम में होने वाले ऑल-इंडिया सीनियर रैंकिंग टूर्नामेंट में आधिकारिक तौर पर शुरू होगा.
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भारत इतनी जल्दी क्यों कदम उठा रहा है?
इसे जल्दी लागू करने के पीछे भारत की रणनीति है. इसे जल्दी इसीलिए लागू किया जा रहा है, ताकि भारतीय खिलाड़ियों, कोचों और टेक्निकल अधिकारियों को फ़ॉर्मेट शॉक (अचानक बदले हुए फ़ॉर्मेट से होने वाली परेशानी) से बचाया जा सके और वो इस नए स्कोरिंग सिस्टम के लिए खुद को तैयार कर सके. नई अंक प्रणाली अंडर-13, अंडर-15, अंडर-17, अंडर-19, सीनियर और मास्टर्स वर्ग की सभी क्षेत्रीय चैंपियनशिप, घरेलू रैंकिंग प्रतियोगिताओं और अंडर-11 से लेकर सीनियर और मास्टर्स वर्ग तक की सभी राष्ट्रीय चैंपियनशिप में लागू होगी.
नियम में बदलाव
- संशोधित नियमों के अनुसार मुकाबले पहले की तरह ‘बेस्ट-ऑफ-थ्री गेम्स’ के आधार पर खेले जाएंगे, लेकिन अब प्रत्येक गेम 21 अंकों के बजाय 15 अंकों का होगा.
- यदि स्कोर 14-14 से बराबर होता है तो जीत के लिए दो अंकों की बढ़त जरूरी होगी. हालांकि अधिकतम स्कोर 21 अंक तक रहेगा और 20-20 की स्थिति में अगला अंक हासिल करने वाला खिलाड़ी गेम जीत जाएगा.
- अब मिड गेम तब होगा, जब किसी खिलाड़ी या जोड़ी के आठ अंक हो जाएंगे. तीसरे गेम में कोर्ट बदलने के साथ 60 सेकंड का ब्रेक मिलेगा, जबकि दो गेमों के बीच मिलने वाला 120 सेकंड का अंतराल पहले की तरह जारी रहेगा. पिछले गेम का विजेता अगले गेम में पहली सर्विस करेगा.
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