भारत को ग्लास्गो में चल रहे 2026 कॉमनवेल्थ गेम्स में अपने अभियान का आगाज करने से पहले बड़ा झटका लगा है.दो भारतीय एथलीटों को टीम से हटा दिया गया.नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) के टेस्ट में फेल होने के बाद जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार को अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया गया और प्रतियोगिता से हटा दिया गया. कुमार के सस्पेंशन के कुछ घंटों बाद वेटलिफ्टर दिलबाग सिंह को भी ग्लास्गो से वापस भेज दिया गया. कुमार के उलट दिलबाग सिंह ड्रग टेस्ट में फेल नहीं हुए, बल्कि क्वालीफिकेशन अवधि के दौरान कई डोपिंग रोधी नियम उल्लंघनों (एडीआरवी) के कारण भारत का कोटा कम किए जाने के बाद उन्हें घर भेज दिया गया.
ADVERTISEMENT
कौन हैं पुतुल सोनोवाल? 43 साल के स्टार ने वर्ल्ड चैंपियन को हरा किया उलटफेर
क्वालिफिकेशन सिस्टम का क्लॉज़ 2.4 के अनुसार अगर किसी CGA (कॉमनवेल्थ गेम्स एसोसिएशन, यानी हिस्सा लेने वाला देश) का कोई वेटलिफ्टिंग एथलीट और या एथलीट सपोर्ट स्टाफ़ एंटी-डोपिंग नियम का उल्लंघन ('ADRV') करता है, तो उस CGA को दिए गए ज़्यादा से ज़्यादा एथलीट क्वालिफिकेशन स्लॉट की संख्या एक कम कर दी जाएगी. अगर एक से ज़्यादा ADRV होते हैं, तो CGA को दिए गए ज़्यादा से ज़्यादा एथलीट क्वालिफिकेशन स्लॉट की संख्या उतनी ही कम कर दी जाएगी, जितने ADRV हुए हैं.
नेशनल कोटा घटा
1 जून 2025 और 22 जुलाई 2026 के बीच भारतीय वेटलिफ्टिंग में डोपिंग के पांच पॉजिटिव मामले सामने आए. इसके चलते नेशनल कोटा 16 से घटाकर 11 कर दिया गया. हालांकि भारत ने 12 खिलाड़ियों की टीम भेजी थी, इसलिए उन्हें किसी एक खिलाड़ी को हटाना पड़ा. 'द इंडियन एक्सप्रेस' के अनुसार भारतीय वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के एक सदस्य का कहना है कि दिलबाग को हटाने का फैसला इसलिए किया, क्योंकि वह पीठ की चोट से जूझ रहे हैं और बर्मिंघम में तैयारी कैंप के दौरान उन्होंने बिल्कुल भी ट्रेनिंग नहीं की है.
दो राउंड में टेस्ट
ग्लास्गो के लिए रवाना होने से पहले भारतीय एथलीटों का दो राउंड में टेस्ट हुआ था, इसलिए कुमार का ADRV (एंटी-डोपिंग नियम का उल्लंघन) मामला काफी चौंकाने वाला था. स्थानीय स्तर पर लागत की दिक्कतों के कारण शूटिंग, रेसलिंग और बैडमिंटन जैसे पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों को ग्लास्गो प्रोग्राम से बाहर रखे जाने के बाद भारत कम से कम आधा दर्जन मेडल जीतने के लिए वेटलिफ्टिंग पर काफी हद तक निर्भर थी.
कुमार को 73 किलोग्राम कैटेगरी में जूडो के एक मजबूत दावेदार के तौर पर देखा जा रहा था. उन्होंने 2023 मकाऊ जूनियर एशियन कप और 2025 ताइपे एशियन ओपन में गोल्ड मेडल जीता था और इस साल फरवरी में ताशकंद ग्रैंड स्लैम में सातवां स्थान हासिल किया था.इन खिलाड़ियों के हटने से भारतीय एथलीटों की संख्या 126 से घटकर 124 हो गई है.कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के कारण भारत किसी दूसरे खिलाड़ी को उनकी जगह शामिल नहीं नहीं कर सकता.
ADVERTISEMENT











