CWG 2026 : जूडो में गोल्ड के बाद मिली चांदी, गोल्डन हैट्रिक से चूकी यामिनी, फाइनल में तीन गलती से मिली हार

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय जूडो टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया। भारत ने पहली बार जूडो में दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किए. अस्मिता डे ने 48 किग्रा वर्ग और हर्ष सिंह ने 60 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर नया इतिहास बनाया.

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India's star judoka Yamini Mourya in frame. (Screenshot)

यामिनी शर्मा

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यामिनी मौर्या ने 57 किग्रा वर्ग में सिल्वर मेडल जीता

भारत ने जूडो में पहली बार दो गोल्ड और एक सिल्वर जीता

CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शुक्रवार यानी 31 जुलाई का दिन भारतीय जूडो के नाम रहा. शुक्रवार की रात जूडो में ऐसा इतिहास रचा गया, जो आज से पहले कभी नहीं हुआ. भारत ने जूडो के खेल में अपना दमखम दिखाते हुए पहले दो गोल्ड मेडल हासिल किए. इसके बाद महिलाओं की 57 किग्रा वेट कैटेगरी में भारत की यामिनी मौर्या फाइनल में इंग्लैंड की एसेलिया टोपराक से पार नहीं पा सकीं. लगातार तीन बार गलती करने के कारण उन्हें मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा. इससे इंग्लैंड की एसेलिया ने गोल्ड मेडल पर कब्जा किया, जबकि यामिनी को सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा.

यामिनी को सिल्वर से करना पड़ा संतोष 

यामिनी मौर्या ने महिलाओं की 57 किग्रा वेट कैटेगरी में शानदार आगाज किया था. यामिनी ने क्वार्टर फाइनल में घाना की फ़्रेमा अगीई के खिलाफ इप्पोन से जीत दर्ज की थी. इसके बाद सेमीफाइनल में भी उन्होंने इप्पोन से ही दक्षिण अफ्रीका की डोने ब्रेयटेनबाख को हार का स्वाद चखाया. मगर फाइनल में इंग्लैंड की एसेलिया के सामने मजबूत डिफेंस दिखाते हुए उन्होंने एक भी अंक नहीं होने दिया, जिससे चार मिनट तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा. इसके बाद सडन डेथ में भी कोई खिलाड़ी गोल्डन स्कोर नहीं कर सका, लेकिन यामिनी मैच के दौरान दो फाउल (दो शिदो) कर चुकी थीं. जैसे ही उन्होंने तीसरा शिदो (तीसरी गलती) किया, इंग्लैंड की खिलाड़ी को इप्पोन दे दिया गया. इस तरह इंग्लैंड की एसेलिया ने गोल्ड जीता, जबकि यामिनी अब सिल्वर मेडल लेकर घर लौटेंगी.

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भारत ने जूडो मे एक दिन में जीते तीन मेडल 


जूडो में भारत के खिलाड़ियों ने इतिहास रच दिया. पहली बार भारत ने कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में एक नहीं, बल्कि दो गोल्ड मेडल जीते. भारत को पहला गोल्ड मेडल अस्मिता डे ने 48 किग्रा वर्ग में दिलाया. इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो का गोल्ड मेडल जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बनीं. वहीं, इसके बाद हर्ष सिंह ने भी इतिहास रच दिया. हर्ष सिंह ने मेंस 60 किग्रा वर्ग में गोल्ड मेडल जीतकर देश को जूडो में पुरुष वर्ग का पहला स्वर्ण पदक दिलाया. हर्ष और अस्मिता के बाद अब जूडो का सिल्वर मेडल यामिनी मौर्या ने दिलाया. जूडो के कुल 14 खिलाड़ी (7 पुरुष और 7 महिला) भाग लेने गए थे, लेकिन तूलिका मान और अरुण कुमार के बाहर होने के बाद 12 खिलाड़ियों के दल में भारत के हाथ दो गोल्ड और एक सिल्वर मेडल आ चुका है. अभी भी कई मुकाबले बाकी हैं, जिनमें भारत को और पदक मिलने की उम्मीद जताई जा रही है.

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