ग्लासगो में खेले जा रहे कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन शुरू कर दिया है. भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज ने कॉमनवेल्थ गेम्स की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में अपना दबदबा बनाते हुए सेमीफाइनल में कदम रखा. वहीं दूसरी तरफ पैरा पावरलिफ्टर अशोक अपने अंतिम प्रयास में 205 किग्रा भार नहीं उठा सके, जिससे वह मेडल से चूक गए. हालांकि उनसे कम वजन उठाने वाले नाइजीरिया के रोलैंड एज़ुरुइके को सिल्वर मेडल मिला, क्योंकि पावरलिफ्टिंग में कोएफिशिएंट स्कोरिंग सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है.
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सेमीफाइनल में श्रीहरि नटराज
भारत के स्टार तैराक श्रीहरि नटराज ने 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में 14वें स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाई. दो बार के ओलंपियन और कई राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम कर चुके नटराज ने 25.52 सेकंड का समय निकाला. इसके चलते अब वह सेमीफाइनल में प्रतिस्पर्धा करते नजर आएंगे. सेमीफाइनल की हीट के लिए टॉप 16 तैराकों को जगह मिलती है, जिसमें 14वें स्थान पर रहते हुए नटराज ने अपना स्थान पक्का किया.
पैरा तैराकी में जागी मेडल की उम्मीद
नटराज के अलावा पैरा तैराकी में भारत के बुडिगिना और इमाम अली ने पुरुषों की 100 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी एस-13 वर्ग के फाइनल के लिए क्वालिफाई कर लिया है. हीट में हिस्सा लेने वाले सभी आठ तैराकों को फाइनल में जगह मिली. बुडिगिना ने 57.10 सेकंड के समय के साथ हीट में तीसरा स्थान हासिल किया, जबकि इमाम अली 1:05.32 सेकंड के समय के साथ आठवें स्थान पर रहे. बुडिगिना अगर यही प्रदर्शन फाइनल में दोहराते हैं तो वह मेडल जीत सकते हैं.
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मेडल से चूके अशोक
अंत में भारतीय पैरा पावरलिफ्टर अशोक मलिक मेडल से चूक गए. 66 किग्रा वर्ग के अशोक को कांस्य पदक जीतने के लिए 205 किग्रा वजन हर हाल में उठाना था, लेकिन वह अंतिम प्रयास में असफल रहे और उनके हाथ से मेडल निकल गया. इस स्पर्धा का गोल्ड मेडल 71.5 किग्रा वजन वाले मार्क स्वान ने 222 किग्रा वजन उठाकर 153.9 अंक के साथ जीता. जबकि दूसरे स्थान पर नाइजीरिया के रोलैंड एज़ुरुइके ने 50.8 किग्रा के शारीरिक वजन के बावजूद 185 किग्रा वजन उठाया. इससे उनके भी 153.9 अंक रहे, लेकिन पावरलिफ्टिंग की कोएफिशिएंट स्कोरिंग प्रणाली के चलते उन्हें सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा. वहीं कांस्य पदक 70.6 किग्रा वजन वाले मलेशिया के बोनी बुन्याउ गुस्टिन को मिला, जिन्होंने 220 किग्रा वजन उठाया.
क्या है पावरलिफ्टिंग में कोएफिशिएंट स्कोरिंग?
भारतीय पैरा पावरलिफ्टर अशोक मलिक का शारीरिक वजन 66.4 किग्रा था और उन्होंने दूसरे प्रयास में 200 किग्रा वजन उठाया. लेकिन मेडल जीतने के लिए उन्होंने 205 किग्रा वजन का प्रयास किया और उसे उठा नहीं सके, जिससे उन्हें हार का सामना करना पड़ा. पावरलिफ्टिंग में कोएफिशिएंट स्कोरिंग सिस्टम (एक विशेष फॉर्मूला) का इस्तेमाल किया जाता है. इसके तहत कम शारीरिक वजन वाले खिलाड़ी को अपने वजन के अनुपात में अधिक भार उठाने पर ज्यादा अंक मिलते हैं. इस स्पर्धा में खिलाड़ी द्वारा उठाए गए वजन की तुलना उसके स्वयं के शारीरिक वजन से की जाती है.
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