ISSF World Cup: 21 साल की भारतीय शूटर ने वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ जीता गोल्ड, ओलिंपिक चैंप‍ियन को बुरी तरह हराया

21 साल की ईशा ने पांच शॉट की 10 सीरीज में स्थानीय दावेदार और पूर्व विश्व चैंपियन डोरीन वेनेकैम्प को पांच शॉट से पछाड़ा. बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन यांग जिन पांचवें स्थान पर बाहर हो गईं.

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ईशा सिंह ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता. (PC: X)

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ईशा सिंह ने आईएसएसएफ वर्ल्ड कप में गोल्ड मेडल जीता.

ईशा का चौथा व्यक्तिगत विश्व कप पदक है

वर्ल्ड चैंपियनशिप की तीन बार की मेडलिस्ट ईशा सिंह ने बुधवार को महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल फाइनल में 43 के वर्ल्ड रिकॉर्ड स्कोर के साथ दबदबा बनाते हुए आईएसएसएफ वर्ल्ड कप के दूसरे दिन गोल्ड मेडल जीतकर भारत का पदक का खाता खोला. 21 साल की ईशा ने पांच शॉट की 10 सीरीज में स्थानीय दावेदार और पूर्व विश्व चैंपियन डोरीन वेनेकैम्प को पांच शॉट से पछाड़ा. बुल्गारिया की मिरोस्लावा मिनचेवा ने ब्रॉन्ज मेडल जीता. मौजूदा ओलिंपिक चैंपियन यांग जिन पांचवें स्थान पर बाहर हो गईं. 

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यहां ओलिंपिक निशानेबाजी रेंज में दो दिनों के मुकाबले के बाद यह म्यूनिख विश्व कप में भारत का पहला पदक है. यह ईशा का चौथा व्यक्तिगत विश्व कप पदक है. ओलिंपियन ईशा ने कहा कि म्यूनिख उनके लिए बहुत मायने रखता था. हर कोई जानता है कि यहां किस तरह का मुकाबला होता है. विशेषकर पिस्टल स्पर्धा में. शीर्ष आठ में जगह बनाना भी बहुत मुश्किल होता है. वह सच में यह जीतना चाहती थी, क्योंकि यह यहां उनका तीसरा मौका था. 

फाइनल में नर्वस हो गई थीं ईशा
 

बड़े फाइनल में घबराहट के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि वह बिल्कुल भी शांत नहीं थी. एक समय जब वह कमांड सुनने की कोशिश कर रही थी तो वह अपने बाएं हाथ को लगभग कांपते हुए महसूस कर सकती थी. उन्हें बहुत घबराहट हो रही थी, लेकिन उनके खेल में आप इससे बच नहीं सकते. आपको इसका सामना करना पड़ता है और अनुभव का मतलब यही होता है. बुधवार को उन्होंने क्वालीफिकेशन के रैपिड फायर राउंड में 294 का स्कोर किया. मंगलवार को प्रिसिजन राउंड में उनके 293 के स्कोर के साथ मिलकर उन्होंने 587 के कुल स्कोर के साथ क्वालीफाइंग में चौथा स्थान हासिल किया. भारत की मनु भाकर और राही सरनोबत 582 और 581 के स्कोर से 98 खिलाड़ियों के इस मुकाबले में क्रमशः 12वें और 14वें स्थान पर रहीं. 

पहली तीन सीरीज में तीन परफेक्ट स्कोर

फाइनल में ईशा ने जोरदार शुरुआत की और पहली तीन सीरीज में तीन परफेक्ट स्कोर के साथ आठ खिलाड़ियों के समूह में काफी आगे निकल गईं. डोरेन 12 अंकों के साथ उनकी सबसे करीबी प्रतिद्वंद्वी थीं, जबकि वियतनाम की ट्रिन्ह थू विन्ह 10 हिट के साथ तीसरे स्थान पर थीं. भारतीय निशानेबाज ने दो साल पहले बाकू में कोरिया की किम येजी द्वारा बनाए गए 42 अंक के रिकॉर्ड को एक हिट से बेहतर किया और यांग जिन द्वारा बनाए गए 41 अंक के जूनियर विश्व रिकॉर्ड को भी तोड़ दिया. 

एक अंक से फाइनल से चूकीं आशा

महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन्स में आशी चौकसे फाइनल में पहुंचने से महज एक अंक से चूक गईं. वह 70 निशानेबाजों के बीच 589 अंक के साथ 10वें स्थान पर रहीं (केवल रैंकिंग अंक वाले निशानेबाजों सहित कुल 12वें स्थान पर). स्विट्जरलैंड की एमिली जेगी ने 590 अंक के साथ आठवां और अंतिम स्थान हासिल किया जबकि उनकी हमवतन और मौजूदा ओल‍िंपिक चैंपियन कियारा लियोन ने 587 अंक बनाकर 28वां स्थान प्राप्त किया. इस स्पर्धा में हिस्सा ले रहीं अन्य भारतीय निशानेबाजों विदार्षा विनोद ने 588 अंक बनाकर कुल 14वां स्थान हासिल किया जबकि तिलोत्तमा सेन 583 अंक के साथ 48वें स्थान पर रहीं. 

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