भारत को तगड़ा झटका, स्टार पहलवान डोप टेस्ट में फेल होने के बाद सस्पेंड, एश‍ियन गेम्स से भी बाहर

भारतीय कुश्ती को डोपिंग के मामले में झटका लगा है.ग्रीको-रोमन के स्टार पहलवान दीपांशु को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है

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दीपांशु को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है. (PC: Getty)

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दीपांशु को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है.

डोप टेस्ट में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड 'स्टैनोज़ोलोल' के लिए पॉजिटिव पाए गए.

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भारत की नजर 19 स‍ितंबर से 4 अक्टूबर के बीच  जापान के नागोया में होने वाले एश‍ियन गेम्स पर है. कॉमनवेल्थ गेम्स में सीमित गेम्स ही थे. शूटिंग, रेसलिंग, बैडमिंटन समेत कई खेलों को हटा द‍िया गया था और इन खेलों में भारत का रिकॉर्ड जबरदस्त रहा है. कॉमनवेल्थ गेम्स में तो भारत इन खेलों में चुनौती पेश नहीं कर पाया, मगर एश‍ियन गेम्स के लिए भारतीय खिलाड़ी तैयार हैं.

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हालांकि इन गेम्स के आगाज से पहले भारतीय कुश्ती को डोपिंग के मामले में झटका लगा है.ग्रीको-रोमन के स्टार पहलवान दीपांशु को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (NADA) ने अस्थायी रूप से सस्पेंड कर दिया है, क्योंकि वे प्रतियोगिता के बाहर किए गए डोप टेस्ट में प्रतिबंधित एनाबॉलिक स्टेरॉयड 'स्टैनोज़ोलोल' के लिए पॉजिटिव पाए गए. 

ट्रायल्स में हारने वाले पहलवान को मौका

टाइम्स ऑफ इंडिया के अनुसार 130 किलोग्राम कैटेगरी में हिस्सा लेने वाले दीपांशु ने लखनऊ में एशियन गेम्स के लिए सिलेक्शन ट्रायल जीता था और वह इस बड़े कॉन्टिनेंटल इवेंट के लिए भारतीय दल का हिस्सा थे. हालांकि अब डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के कारण उन्हें नेशनल कैंप और टीम दोनों से हटा दिया गया है. 

ट्रायल्स में दीपांशु से हारने वाले पहलवान रौनक दहिया को उनकी जगह मौका मिला है. दरअसल रौनक को रिजर्व खिलाड़ी के तौर पर चुना गया था, लेकिन अब दीपांशु के बाहर होने के बाद उन्हें 130 किग्रा कैटेगरी में शामिल कर लिया गया है. र‍िपोर्ट के अनुसार लखनऊ कैंप में डोप कंट्रोल अधिकारियों ने दीपांशु का सैंपल लिया था.इसके बाद नेशनल डोप टेस्टिंग लैबोरेटरी (NDTL) में सैंपल की जांच की गई, जिसमें वह स्टैनोज़ोलोल (stanozolol) के लिए पॉज़िटिव पाए गए. डोपिंग का यह ताजा मामला इसलिए भी गंभीर है क्योंकि दीपांशु का यह दूसरा अपराध है.इससे पहले भी इसी प्रतिबंधित पदार्थ के इस्तेमाल से जुड़े डोपिंग उल्लंघन के कारण उन पर तीन साल का बैन लगाया गया था. 

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