भारत ने युवा सनसनी बैडमिंटन खिलाड़ी तन्वी शर्मा ने रविवार को ताइपे ओपन सुपर 300 बैडमिंटन टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया है. उन्होंने महिला एकल फाइनल में वियतनाम की छठी वरीय थुई लिन्ह एनगुएन को सीधे गेम में हराकर अपना पहला बीडब्ल्यूएफ विश्व टूर खिताब जीता.पिछले साल अमेरिकी ओपन सुपर 300 में उप विजेता रही पंजाब की 17 साल की तन्वी ने फाइनल में एनगुएन को 36 मिनट में 21-16, 21-16 से हराया. होशियारपुर की रहने वाली तन्वी ताइपे ओपन की सबसे कम उम्र की चैंपियन भी बन गईं.उनसे पहले ताई ज़ू-यिंग ने 18 साल और 85 दिन की उम्र में यह खिताब जीता था.
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पीवी सिंधू के पूर्व मेंटर (मार्गदर्शक) पार्क ताए संग से कोचिंग लेने वाली तन्वी अपने निडर आक्रामक खेल और प्रदर्शन में शानदार निरंतरता के साथ भारत की सबसे चमकदार बैडमिंटन खिलाड़ियों में से एक बनकर उभरी हैं.पूर्व विश्व जूनियर नंबर एक तन्वी विश्व जूनियर चैंपियनशिप के एक ही सत्र में दो पदक जीतने वाली भारतीय बनीं. उन्होंने लड़कियों के एकल वर्ग में रजत पदक के अलावा मिश्रित टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था.वह उस भारतीय टीम की भी सदस्य थीं जिसने एशियाई टीम चैंपियनशिप में देश के लिए पहला स्वर्ण पदक जीता था.
तन्वी की उपलब्धियां
तन्वी 16 साल की उम्र में 2025 अमेरिकी ओपन में अपने पहले सुपर 300 फाइनल में पहुंचीं. वह इस साल ताइपे ओपन में खिताबी मुकाबले में भी पहुंची और ओडिशा मास्टर्स और गुवाहाटी मास्टर्स में भी उप विजेता रहीं और दुनिया की शीर्ष 35 खिलाड़ियों में शामिल हो गईं. तन्वी 17 साल और 222 दिन की उम्र में टूर्नामेंट के इतिहास में सबसे कम उम्र की फाइनलिस्ट भी बनीं.उन्होंने कोरिया के महान युगल खिलाड़ी ली योंग डे को पीछे छोड़ दिया जो 2006 में पुरुष युगल फाइनल में पहुंचने पर 17 साल और 287 दिन के थे. सायना नेहवाल, पीवी सिंधु और देविका सिहाग के बाद अब भारत को S300 में चौथी विजेता मिल गई है.
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