साल 2024 के पेरिस ओलंपिक में 100 ग्राम अधिक वजन होने के कारण पदक से चूकने वाली विनेश फोगाट को अब एक और बड़ा झटका लगा है. सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद विनेश ने एशियन गेम्स के ट्रायल्स में हिस्सा लिया, लेकिन 53 किलोग्राम वर्ग के सेमीफाइनल में मीनाक्षी ने उन्हें 6-4 से हरा दिया. इस हार के साथ ही विनेश का एशियन गेम्स में खेलने का सपना टूट गया. अब वह साल 2026 में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारतीय दल के साथ जापान नहीं जा सकेंगी.
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विनेश फोगाट ने दो मैच जीते
एशियन गेम्स ट्रायल्स के पहले मुकाबले में विनेश ने ज्योति को 7-1 से हराकर शानदार शुरुआत की. इसके बाद दूसरे मुकाबले में निशु के खिलाफ उन्हें कड़ा संघर्ष करना पड़ा. एक समय विनेश 0-5 से पीछे चल रही थीं, लेकिन उन्होंने शानदार वापसी करते हुए दूसरे पीरियड में निशु को मैट पर गिरा दिया, जिससे उन्हें चार अंक मिले. इसके बाद जब विनेश ने प्रतिद्वंद्वी को पिन किया तो रेफरी ने कथित तौर पर गलत सीटी बजा दी. इस दौरान कोचिंग कॉर्नर में मौजूद उनके पति सोमवीर राठी नाराज हो गए और उन्होंने विरोध जताया. बाद में अधिकारियों ने स्थिति को समझा और अंततः विनेश को विजेता घोषित किया गया. वहीं हार से निराश निशु बिना किसी से हाथ मिलाए रोते हुए मैट से बाहर चली गईं.
विनेश ने हार के बाद क्या कहा ?
निशु के खिलाफ रोमांचक जीत दर्ज करने के बाद सेमीफाइनल में विनेश का सामना मीनाक्षी से हुआ. इस मुकाबले में मीनाक्षी ने 6-4 से जीत हासिल की और इसके साथ ही विनेश की वापसी की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा. हालांकि हार के बाद विनेश ने कहा कि वह फिर से वापसी करेंगी. उन्होंने यह भी कहा कि पूरा सिस्टम एक तरफ था और वह अकेले दूसरी तरफ खड़ी थीं.
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विनेश को सुप्रीम कोर्ट से भाग लेने की मिली इजाजत
गौरतलब है कि एशियन गेम्स ट्रायल्स में भाग लेने के लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने नियम बनाया था कि केवल वही महिला पहलवान ट्रायल्स में हिस्सा ले सकेंगी, जिन्होंने 2025 सीनियर नेशनल्स, 2026 सीनियर फेडरेशन कप, 2026 अंडर-20 या अंडर-23 नेशनल चैंपियनशिप में पदक जीता हो. चूंकि विनेश ने 2024 के बाद मां बनने के कारण कोई प्रतियोगिता नहीं खेली थी, इसलिए वह इन नियमों के तहत ट्रायल्स से स्वतः बाहर हो जातीं.
इसके बाद उन्होंने पहले दिल्ली हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. अदालत से राहत मिलने के बाद ही उन्हें एशियन गेम्स ट्रायल्स में भाग लेने का मौका मिला. हालांकि उनका सफर सेमीफाइनल तक ही सीमित रहा. अब उनका मुख्य लक्ष्य साल 2028 में होने वाले लॉस एंजिलिस ओलंपिक में हिस्सा लेकर देश के लिए पदक जीतना होगा.
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