नई दिल्ली. इस साल के पद्दम पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है. खेल जगत में दो बार के पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट पैरा एथलीट देवेंद्र झाझड़िया को पद्मम भूषण पुरस्कार दिया गया है जबकि टोक्यो ओलिंपिक में भारत को एथलेटिक्स का पहला स्वर्ण पदक दिलाने वाले भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा समेत आठ खिलाडि़यों को पद्मश्री पुरस्कार से नवाजा गया. चोपड़ा ओलिंपिक में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाले केवल दूसरे भारतीय खिलाड़ी हैं. उनसे पहले बीजिंग ओलिंपिक 2008 में निशानेबाज अभिनव बिंद्रा ने सोने का तमगा हासिल किया था. पदमश्री पाने वाले अन्य खिलाड़ियों में 20 साल की पैरा निशानेबाज अवनी लेखारा, पैरा बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और पैरा भाला फेंक एथलीट सुमित अंतिल भी शामिल हैं. मार्शल आर्ट के एक स्वरूप कलारीपयट्टू की कला में माहिर 93 वर्षीय शंकरनारायण मेनन चुंडाइल, पूर्व अंतरराष्ट्रीय मार्शल आर्ट्स चैंपियन फैजल अली दार, भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान 67 वर्षीय ब्रहमानंद संकवालकर और महिला हॉकी खिलाड़ी 29 वर्षीय वंदना कटारिया को भी पदमश्री सम्मान के लिए चुना गया है.
128 में से खेल जगत के 9 दिग्गजों को पुरस्कार
इस साल राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने विभिन्न क्षेत्रों की 128 हस्तियों को पद्मम पुरस्कारों के लिए चुना है. खेल जगत से 9 दिग्गजों को पद्मम पुरस्कार दिए जाएंगे. इसमें दिवंगत जनरल बिपिन रावत समेत 4 हस्तियों को पद्मम विभूषण से नवाजा जाएगा तो 17 को पद्मम भूषण पुरस्कार दिया जाएगा. इसके अलावा 107 हस्तियों को पद्ममश्री पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा. इस सूची में 34 महिलाएं भी शामिल हैं. हर साल की तरह इस बार भी ये पुरस्कार मार्च या अप्रैल में राष्ट्रपति भवन में आयोजित होने वाले सम्मान समारोह में प्रदान किए जाएंगे.
देवेंद्र ने जीते तीन पैरालिंपिक पदक
देवेंद्र भारत के इकलौते ऐसे खिलाड़ी हैं जिन्होने तीन पैरालिंपिक खेलों में भारत को पदक दिलाए हैं. उन्होंने सबसे पहले 2004 में एथेंस में खेले गए पैरालिंपिक खेलों में भालाफेंक में स्वर्ण पदक जीता था. 2016 में भी उन्होंने रियो पैरालिंपिक खेलों में ये उपलब्धि दोहराई थी. टोक्यो पैरालिंपिक में वह पिछले साल रजत पदक जीतने में सफल रहे थे.