नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने दुनिया का हर बड़ा खिताब अपने नाम किया. ओलिंपिक, वर्ल्ड चैंपियनशिप, डायमंड लीग, कॉमनवेल्थ, एशियन गेम्स सभी खिताब नीरज ने जीते. अब उन्होंने अगले साल ज्यादा कॉम्पिटिशन ना खेलने का फैसला लिया है. उनका कहना है कि अगले साल पेरिस ओलिंपिक है. ऐसे में वो चुनिंदा कॉम्पिटिशन ही खेलेंगे, ताकि ओलिंपिक की तैयारी पर फर्क ना पड़े. एक इवेंट में उनसे पूछा गया कि फ्रेम में वो बाकी जैवलिन थ्रोअर के मुकाबले काफी छोटे लगते हैं, मगर टेक्निकली ऐसा क्या है, जिससे उन्हें डिस्टेंस मिलता है.
इसके जवाब में नीरज ने कहा कि इसका सबसे बड़ा उदाहरण तो दिग्गज खिलाड़ी जान जेलेज्नी का है, जो काफी पतले दिखते थे, फिर भी उन्होंने वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि हर तरह के एथलीट हैं. उन्होंने भारत के ही एक और जैवलिन थ्रोअर किशोर जेना का उदाहरण दिया. जेना ने एशियन गेम्स में 87.54 मीटर का थ्रो करके सिल्वर मेडल जीता था. नीरज ने कहा कि जेना काफी पतले हैं, मगर कमाल की थ्रो कर रहे हैं.
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भारतीय स्टार ने कहा कि दरअसल जैवलिन काफी भारी नहीं होती. उसका वजन 800 ग्राम होता है. ये टेक्निकली गेम है. इसमें स्ट्रेंथ अहम है. इसमें हर तरह की बॉडी चल सकती है. इसमें टेक्निक और स्पीड मायने रखती है. नीरज ने खुद की ताकत के बारे में बात करते हुए कहा कि उन्हें लगता है कि उनकी आर्मस्पीड बहुत अच्छी है.
नीरज से कैसे अलग हैं जेना?
एशियन गेम्स में अपने थ्रो से हर किसी को हैरान करने वाले जेना उनसे कैसे अलग हैं. इस पर नीरज ने कहा कि जेना की रनवे पर स्पीड बहुत अच्छी है. रनवे पर उनका रिदम अच्छा है. कई बार उन्हें खुद रनवे में दिक्कत हो जाती है, मगर जेना का रनवे शानदार है. वो बहुत फास्ट है. उनमें काफी संभावना है. वो लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार कर रहे हैं.