IND vs NZ: केएल राहुल की टीम इंडिया के लिए खेलते रहने की बेक़रारी और चिंता आई सामने, दिया इमोशनल बयान

केएल राहुल ने वडोदरा वनडे में टीम इंडिया के लिए मुश्किल हालात में आकर 29 रन की नाबाद पारी खेली. इससे भारतीय टीम आठ रन में तीन विकेट गंवाने के बाद भी एक ओवर पहले जीत हासिल करने में सफल रही.

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केएल राहुल वनडे क्रिकेट में ओपनर से फिनिशर बने हैं.

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केएल राहुल ने भारतीय वनडे टीम में ओपनर से फिनिशर की भूमिका अपनाई है.

केएल राहुल ने वडोदरा वनडे में 21 गेंद में 29 रन की पारी खेली.

केएल राहुल ने वडोदरा में न्यूजीलैंड के खिलाफ पहले वनडे में फिनिशर की भूमिका को बखूबी निभाते हुए भारत को चार विकेट से जीत दिलाई. उन्होंने 21 गेंद में 29 रन की नाबाद पारी खेली और छक्के के साथ मैच खत्म किया. पहले ओपनर के तौर पर खेलने वाले केएल राहुल ने हालांकि कहा कि वे प्लेइंग इलेवन का हिस्सा बने रहने के लिए कहीं पर भी खेलने को तैयार है. उन्होंने कहा कि वे बस टीम इंडिया का हिस्सा होना चाहते हैं. भारत ने पहला वनडे मुकाबला चार विकेट से जीता. इसमें उसे 301 रन का लक्ष्य मिला था.

भारत ने टॉप ऑर्डर के शानदार खेल के बाद आठ रन में तीन विकेट गंवा दिए थे. इससे स्थिति दो विकेट पर 234 रन से पांच विकेट पर 242 रन हो गई थी. ऐसे में राहुल ने एक छोर थामा. उन्होंने हर्षित राणा (29) के साथ छठे विकेट के लिए 37 रन जुटाने के बाद आखिरी विकेट के लिए वाशिंगटन सुंदर  (7) के साथ 27 रन की अटूट साझेदारी कर टीम इंडिया को जीत दिला दी.

केएल राहुल ने फिनिशर के तौर पर खेलने पर क्या बताया

 

राहुल को वडोदरा में भी छठे नंबर पर बैटिंग के लिए भेजा गया. रवींद्र जडेजा उनसे ऊपर गए. पिछले कुछ मैचों से राहुल के साथ ऐसा ही हो रहा है. उन्होंने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बात करते हुए भारतीय टीम के लिए खेलने के बेकरारी जाहिर की. साथ ही अपनी नई भूमिका की चुनौतियों पर भी बात की. उन्होंने कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो जब मैं मैदान पर जाता हूं तो स्कोरबोर्ड देखता हूं और सोचता हूं कि क्या करना है. जब ओपनिंग करता हूं तो योजना बना सकता हूं क्योंकि वहां पर बहुत सारे ओवर्स रहते हैं. पूरी जिंदगी मैंने ऐसा किया है. लेकिन पांच या छह नंबर पर ऐसा नहीं हो पाता है हालांकि यहां खेलने से मैं अपनी बैटिंग को समझ पाया हूं. यह पूरी तरह से अलग चुनौती है. हो सकता है कि मैं किसी ऐसी स्थिति में जाऊं जहां पर पहली गेंद से ही चौके-छक्के लगाने हैं. तब दबाव होता है और पांच फील्डर बाहर रहते हैं.'

राहुल ने आगे कहा, 'जब ओपनिंग करते हैं तो बाहर फील्डर दिखते ही नहीं हैं. सब आपके सामने होते हैं. इसलिए वहां खेलना आसान होता है. इस भूमिका में एक गलती और टीम हार सकती है. फिर सारा दोष आप पर आ सकता है. यह एक्साइटिंग भी रहता है. इस बात का आभारी हूं कि जब भी मेरे पर दबाव आया तो मैं टीम के काम आने में सफल रहा. मैं खुश हूं. मैं पहले भी कह चुका हूं कि प्लेइंग इलेवन में रहना चाहता हूं फिर कहीं पर भी खिला लो.'

केएल राहुल का नंबर 5 और 6 पर कैसा है रिकॉर्ड

 

राहुल ने वनडे क्रिकेट में अभी तक भारत के लिए पांचवें नंबर पर आकर 32 बार बैटिंग की है और 59.34 की औसत से 1365 रन बना चुके हैं. इस पॉजीशन पर उन्होंने दो शतक व 10 अर्धशतक लगाए. छठे पायदान पर उन्होंने 12 मैच में 47.42 की औसत से 332 रन बनाए. यहां उनके नाम अभी तक एक अर्धशतक है.

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