रणजी ट्रॉफी 2022 के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में बंगाल क्रिकेट टीम ने पहले दिन शानदार बल्लेबाजी की है. नए नवेले बल्लेबाज सुदीप कुमार घरामी के पहले फर्स्ट क्लास शतक के बूते टीम ने बड़े स्कोर की नींव रख दी है. घरामी ने 177 गेंद में 12 चौके और एक छक्के की मदद से अपना शतक पूरा किया. यह न केवल फर्स्ट क्लास बल्कि किसी भी फॉर्मेट में उनका पहला शतक है. सुदीप काफी मुश्किल हालातों से आगे बढ़कर क्रिकेट की दुनिया में आए हैं. तीन साल पहले तक वे बांस की बनी झोंपड़ी रहते थे. क्रिकेट के जरिए ही उनका घर को पक्का किया है और अब वे बंगाल टीम का भविष्य कहे जाते हैं.
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झारखंड के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में घरामी नंबर तीन पर बैटिंग करने के लिए आए. टीम को कप्तान अभिमन्यु ईश्वरन (65) और अभिषेक रमन (41) ने अच्छी शुरुआत दी और पहले विकेट के लिए 132 रन जोड़े. घरामी ने भी शानदार शुरुआत की नींव पर अच्छा खेल दिखाया. उन्होंने अनुष्टुप मजूदार के साथ शतकीय साझेदारी कर बंगाल को मजबूत स्थिति में पहुंचा दिया.
2020 में घरामी ने किया डेब्यू
सुदीप घरामी ने साल 2020 में रणजी ट्रॉफी फाइनल से फर्स्ट क्लास डेब्यू किया था. यह मुकाबला सौराष्ट्र के खिलाफ खेला गया था. उन्हें बंगाल के बड़े खिलाड़ियों जैसे श्रीवत्स गोस्वामी और अभिषेक रमन पर तवज्जो दी गई थी. पहले मैच में सुदीप सफल नहीं हो पाए थे और 26 रन ही बना सके थे. इस पारी में उन्होंने दो चौके जयदेव उनादकट को लगाए थे जो उस सीजन में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज थे. सुदीप ने अपनी छोटी सी पारी से दिखाया था कि वे आने वाले समय में लगातार दिखते रहेंगे.
सुदीप ने अपनी पारिवारिक हालत के बारे में 2020 में स्पोर्टस्टार को बताया था, 'मैं नैहाती में पैदा हुआ और शुरू से ही क्रिकेट बनना चाहता था. हमारे पास पर्याप्त पैसा नहीं था. मेरे पिता राज मिस्त्री का काम किया करते थे. उन्होंने मेरी कोचिंग के लिए कई लोगों से पैसे उधार लिए. बाद में अंडर-23 टूर्नामेंट में खेलने से उन्हें जो कमाई हुई उससे उन्होंने घर बनाया.'
गांगुली से भी मिली है शाबाशी
सौरव गांगुली भी सुदीप घरामी की तारीफ कर चुके हैं. इस बारे में सुदीप ने कहा, 'ईडन गार्डन्स में मुंबई के खिलाफ अंडर-23 मैच के दौरान एक बार उनसे बात हुई था. मैं 66 रन बनाकर आउट हुआ था. उन्होंने मुझसे कहा कि तुम अच्छे से बैटिंग कर रहे थे जबकि बाकी लोग टिक भी नहीं पा रहे थे. तुमने विकेट फेंक क्यों दिया. तुम 100 बना सकते थे.'
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