पिछले महीने गॉल में श्रीलंका के खिलाफ सीरीज की औसत शुरुआत के बाद कुलदीप यादव को अचानक भारत की टेस्ट टीम से बाहर कर दिया गया. इस बाएं हाथ के रिस्ट-स्पिनर ने पहले टेस्ट में भारत की जीत के दौरान सिर्फ एक विकेट लिया था और इसके बाद उन्हें कोलंबो में होने वाले अगले मैच के लिए टीम से हटा दिया गया.सीरीज से पहले इंग्लिश काउंटी टीम यॉर्कशर के साथ कुछ 50-ओवर के मैच खेलने के बाद टीम से बाहर किए जाने के बाद कुलदीप ने अपने फ़र्स्ट-क्लास करियर को फिर से पटरी पर लाने के लिए इंग्लैंड जाने का फ़ैसला किया. 31 साल के इस खिलाड़ी को अफगानिस्तान के दौरे (जो रविवार से शुरू हो रहा है) और इस महीने के आखिर में होने वाले एशियन गेम्स के लिए भारत की T20I टीम में भी शामिल नहीं किया गया.
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पिछले सप्ताह काउंटी चैंपियनशिप के रिकॉर्ड होल्डर के साथ वापसी करते हुए अपने पहले मैच में कुलदीप सिर्फ एक दर्शक बनकर रह गए थे.उन्होंने दो पारियों में 17 और 1 रन बनाए, लेकिन उन्हें गेंदबाज़ी करने का मौका नहीं मिला.हालांकि इस सप्ताह हेडिंग्ले में कुलदीप ने रेड-बॉलर के तौर पर अपनी पहचान फिर से बनाई.उन्होंने यॉर्कशर की एसेक्स पर पारी से जीत के दौरान अपने करियर का पहला फर्स्ट-क्लास 10-विकेट हॉल लिया और एक पारी में 50 रन देकर 6 विकेट लेने का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया.
जबरदस्त ड्रिफ़्ट और टर्न
मैच के दौरान कुलदीप की जबरदस्त ड्रिफ़्ट और टर्न देखने को मिली, जिसकी यॉर्कशर के कोच एंथनी मैकग्रा ने काफी तारीफ की. मैकग्रा ने यॉर्कशर पोस्ट से कहा कि आप देख सकते थे कि वह गेंद को कितना स्पिन कराते हैं और स्पिन पर उनका कंट्रोल शानदार था.अगर आप देखें कि उन्होंने अपने ओवर कैसे डाले. कभी विकेट के ऊपर से तो कभी विकेट के चारों ओर से. वे बल्लेबाजों को फंसाने की कोशिश कर रहे थे. उन्हें दोबारा साइन करने के लिए तुरंत तैयार हो जाएंगे.
मैकग्रा ने कहा कि यॉर्कशर अगले सीजन में भारतीय स्पिनर की वापसी देखना चाहता है.कुलदीप का मौजूदा करार एक मैच का और बचा है.उन्होंने वन-डे कप और तीन काउंटी चैंपियनशिप मैचों के लिए साइन किया था. उन्होंने कहा कि हम उन्हें दोबारा साइन करने के लिए तुरंत तैयार हो जाएंगे. वे बहुत अच्छे इंसान हैं और खेल के प्रति उनका जुनून.उन्हें बस गेंदबाजी करना पसंद है. उन्होंने आगे कहा कि कुलदीप जैसी सोच और हुनर वाले खिलाड़ी के बारे में कुछ कहने की जरूरत नहीं है, उनका खेल ही सब कुछ बयां करता है.उन्होंने बहुत अच्छी बल्लेबाजी भी की है और कुछ अहम रन बनाए हैं.इसलिए अगर वे कभी वापस आ सकें, तो हम निश्चित रूप से ऐसा करने की कोशिश करेंगे. सात मैचों में कुलदीप ने 17.31 की औसत से 19 विकेट लिए हैं.
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