पाकिस्तान के खिलाफ चार विकेट से जीत हासिल करने के बाद डिफेंडिंग चैंपियन श्रीलंका की टीम की मजबूती ने कप्तान चमारी अटापट्टू का आत्मविश्वास बढ़ा दिया है. अटापट्टू के लिए सेमीफाइनल की सबसे अच्छी बात उनकी युवा बैटिंग यूनिट का वह रिस्पॉन्स था, जो तब देखने को मिला जब मैच हाथ से निकलता हुआ लग रहा था.रविवार को फाइनल में श्रीलंका का मुक़ाबला भारत से होगा. दोनों के बीच लगातार दूसरी बार एशिया कप का फाइनल खेला जाएगा.
ADVERTISEMENT
Ranji trophy: मोहम्मद सिराज बने हैदराबाद टीम के कप्तान
सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने 130 रन बनाए, जिससे श्रीलंका को जीत के लिए 131 रनों का लक्ष्य मिला, लेकिन मौजूदा चैंपियन टीम जल्द ही मुश्किल में पड़ गई.शुरुआती छह ओवरों में ही अटापट्टू,संजना कविंडी और हसिनी परेरा आउट हो गईं, जिससे श्रीलंका पर तुरंत दबाव बन गया.हर्षिता समरविक्रमा और कविशा दिलहारी ने टीम को मुश्किल से बाहर निकाला.पाकिस्तान को और बढ़त बनाने का मौका देने के बजाय, दोनों ने संभलकर खेलते हुए 67 रनों की साझेदारी की, जिसने श्रीलंका की स्थिति को पूरी तरह बदल दिया. अटापट्टू का मानना है कि अलग-अलग मौकों पर अच्छा प्रदर्शन करने की क्षमता टीम की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है.
श्रीलंका की ताकत
श्रीलंका की सेमीफ़ाइनल जीत के बाद अटापट्टू ने कहा कि हमारे पास हर्षिता, नीलाक्षिका और कविशा जैसी अच्छी फ़िनिशर हैं. ज़्यादातर खिलाड़ी बहुत अच्छा खेल रहे हैं.यहां तक कि बॉलिंग यूनिट भी,इसलिए हमारे पास अच्छे खिलाड़ी हैं.अगर हम फ़ाइनल में अपनी योजनाओं को सही ढंग से लागू कर सकें, तो मुझे लगता है कि हम किसी भी टीम को हरा सकते हैं.
कप्तान अपनी टीम के कुल योगदान से भी खुश थीं.हालांकि श्रीलंका की फ़ील्डिंग के दौरान कुछ मौके हाथ से छूटे, लेकिन उनकी बॉलिंग और बैटिंग ने अटापट्टू को सकारात्मक महसूस कराया.उन्होंने आगे कहा कि बॉलिंग यूनिट के तौर पर हमने बहुत अच्छा प्रदर्शन किया.फ़ील्डिंग के दौरान हमने कुछ कैच छोड़े, लेकिन कुल मिलाकर हमने बहुत अच्छा काम किया और जिस तरह से बल्लेबाज़ों ने बैटिंग की, वह देखना अद्भुत था, क्योंकि युवा खिलाड़ी बहुत अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं.
ADVERTISEMENT











