इंग्लैंड दौरे पर पांच मैचों की टेस्ट सीरीज खेलने गई भारतीय टीम को बिना आखिरी मैच खेले लौटना पड़ा। वजह थी मैनचेस्टर टेस्ट से पहले टीम इंडिया के कैंप पर गिरी कोरोना वायरस की गाज। इसी के चलते टीम इंडिया ने आखिरी टेस्ट मैच में न उतरने का फैसला किया। भारतीय टीम के इस निर्णय की कहीं आलोचना हुई तो कई लोगों ने इसे जायज भी ठहराया। हालांकि अब इस मामले में भारतीय टीम को इंग्लैंड के दिग्गज तेज गेंदबाज स्टुअर्ट ब्रॉड का साथ मिला है। ब्रॉड ने आखिरी मैच न खेलने के टीम इंडिया के फैसले को लेकर हमदर्दी जाहिर की।
इंग्लैंड के तेज गेंदबाज ने कहा, वह भारतीय खिलाड़ियों के कोविड के डर को समझ सकते हैं। अपने भारत दौरे के अनुभव को बताते हुए ब्रॉड बोले मैनचेस्टर में पांचवें टेस्ट से पहले भारतीय खिलाड़ियों पर जो बीती है उन हालात वह भारत दौरे पर गुजर चुके हैं। उन्होंने कहा कि जब वह भारत दौरे पर आए थे तो उन्हें 10 हफ्तों तक होटल के कमरों में कैद रहना पड़ा था। वहाँ का Wi-fi भी काफी धीमा था। यहां तक कि नेटफ्लिक्स भी नहीं चल पा रहा था। भारत दौरे की यादें ताजा करते हुए ब्रॉड ने कहा कि टीम के खिलाड़ी दिमागी तौर पर काफी थक गए थे। सबको ऐसा लगने लगा कि दौरे के अंत तक सभी ज्यादातर खिलाड़ी कोविड संक्रमित हो सकते हैं।
इंग्लिश खिलाड़ियों ने जताई थी नराजगी
साल की शुरुआत में इंग्लैंड ने किया था भारत दौरा
इंग्लैंड की टीम इस साल फरवरी के महीने में भारत दौरे पर आई थी। भारत और इंग्लैंड के बीच चार टेस्ट, पाँच T20 और तीन वनडे खेले थे। ब्रॉड उस वक्त इंग्लैंड के दौरे पर टेस्ट मैच खेलने आए थे। भले ही पूरे दौरे में कोई कोविड केस नहीं आया था, मगर इसके बावजूद दोनों टीमें कड़े बॉयो बबल में रहीं थी। भारत टेस्ट सीरीज़ 4-1 से जीता था, T20 सीरीज़ 3-2 से और वनडे सीरीज़ 2-1 से जीती थी।