कराची. आगामी 27 जनवरी से शुरू हो रहे पाकिस्तान सुपर लीग के सातवें सीजन की तैयारियों में जुटे पाकिस्तान क्रिकेट के लिए सोमवार को बुरी खबर आई. पाकिस्तान के पूर्व टेस्ट क्रिकेटर आफताब बलोच का निधन हो गया. आफताब 68 साल के थे. 16 साल की उम्र में न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू करने वाले आफताब बलोच ने पाकिस्तान के लिए अपने करियर में दो टेस्ट मैच खेले. इन दो टेस्ट मैच में खेलने का अंतर छह साल का रहा. वैसे बलोच को प्रथम श्रेणी क्रिकेट में खेली गई 428 रनों की शानदार पारी के लिए भी याद रखा जाता है. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कहने के बाद बलोच पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड में कई पदों पर रहे और पाकिस्तान की जूनियर और ए टीम के सेलेक्टर भी बने.
छह साल में खेले दो टेस्ट मैच
आफताब बलोच ने 1973-74 में कराची में सिंध की तरफ से बलोचिस्तान के खिलाफ 428 रन की पारी खेली थी. सिंध ने तब अपनी पारी सात विकेट 951 रन बनाकर समाप्त घोषित की. बलोच ने पाकिस्तान की तरफ से दो टेस्ट मैच खेले. उन्होंने साल 1969 में न्यूजीलैंड के खिलाफ 16 साल की उम्र में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण करते हुए 25 रन बनाए थे. उन्होंने अपना दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच इसके छह साल बाद वेस्टइंडीज के खिलाफ खेला था. इस मैच में उन्होंने 12 और नाबाद 60 रन बनाए थे. इसके बाद उन्हें कभी पाकिस्तानी टीम में नहीं चुना गया.
शतक 20 ठोके, अर्धशतक एक भी नहीं
आफताब बलोच ने दो टेस्ट मैच में 48.50 की औसत से 97 रन बनाए. जबकि 172 मैचों के प्रथम श्रेणी करियर में उनके बल्ले से 41.68 की औसत से 9171 रन निकले. प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उन्होंने अर्धशतक के बाद शतक पूरा करके ही दम लिया. उनके नाम 20 शतक दर्ज है जबकि अर्धशतक एक भी नहीं. उनका उच्चतम स्कोर 428 रन है जो उन्होंने बलोचिस्तान के खिलाफ बनाया था. इसके अलावा गेंद से भी कमाल दिखाते हुए आफताब बलोच ने 223 बल्लेबाजों को पवेलियन की राह दिखाई. इस दौरान 11 बार पारी में पांच या उससे ज्यादा विकेट लिए जबकि दो बार मैच में दस या उससे ज्यादा विकेट लेने का कारनामा भी अंजाम दिया. आफताब कनाडा में हुई 2011 आईसीसी ट्रॉफी में नेपाल के कोच भी रहे.