टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजी की कमी, T20 का असर? इंग्लैंड दौरे से सबक

इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। दो-दो की बराबरी पर समाप्त हुई सीरीज में भारत ने कुछ आत्मविश्वास हासिल किया, खासकर विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में। बल्लेबाजी में शुभमन गिल ने रन बनाए और साईं सुदर्शन, करुण नायर, सरफराज, रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल जैसे कई युवा खिलाड़ियों को देखा गया। हालांकि, अभिमन्यु ईश्वरन के अलावा बैंक में कोई नया चेहरा नहीं दिखा। स्पिन गेंदबाजी में रवींद्र जडेजा के बाद ऑफ स्पिनर की कमी महसूस की गई, वाशिंगटन सुंदर को छोड़कर कोई क्लासिकल ऑफ स्पिनर नहीं है। सबसे बड़ी चिंता तेज गेंदबाजी को लेकर है। मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के बाद अगली पीढ़ी के तेज गेंदबाजों की पौध सिकुड़ती दिख रही है। वक्ता का मानना है कि "मुझे अभी भी लगता है राहुल की टेस्ट क्रिकेट में ना इंडिया का स्ट्रगल अभी होगा और वो बड़ा स्ट्रगल है, छोटा नहीं है।" इसका एक कारण टी20 क्रिकेट का बढ़ता प्रभाव है, जहाँ खिलाड़ी चार ओवर की क्रिकेट को प्राथमिकता देते हैं।

इंग्लैंड दौरे के बाद भारतीय टेस्ट क्रिकेट को लेकर चिंताएं सामने आई हैं। दो-दो की बराबरी पर समाप्त हुई सीरीज में भारत ने कुछ आत्मविश्वास हासिल किया, खासकर विराट कोहली, रविचंद्रन अश्विन और रोहित शर्मा जैसे बड़े खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में। बल्लेबाजी में शुभमन गिल ने रन बनाए और साईं सुदर्शन, करुण नायर, सरफराज, रजत पाटीदार, देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल जैसे कई युवा खिलाड़ियों को देखा गया। हालांकि, अभिमन्यु ईश्वरन के अलावा बैंक में कोई नया चेहरा नहीं दिखा। स्पिन गेंदबाजी में रवींद्र जडेजा के बाद ऑफ स्पिनर की कमी महसूस की गई, वाशिंगटन सुंदर को छोड़कर कोई क्लासिकल ऑफ स्पिनर नहीं है। सबसे बड़ी चिंता तेज गेंदबाजी को लेकर है। मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह के बाद अगली पीढ़ी के तेज गेंदबाजों की पौध सिकुड़ती दिख रही है। वक्ता का मानना है कि "मुझे अभी भी लगता है राहुल की टेस्ट क्रिकेट में ना इंडिया का स्ट्रगल अभी होगा और वो बड़ा स्ट्रगल है, छोटा नहीं है।" इसका एक कारण टी20 क्रिकेट का बढ़ता प्रभाव है, जहाँ खिलाड़ी चार ओवर की क्रिकेट को प्राथमिकता देते हैं।