भारतीय टेस्ट क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की कमी, T20 और IPL बन रहे हैं बड़ी वजह!

भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की अगली पीढ़ी को लेकर चिंता जताई जा रही है। इंग्लैंड दौरे के बाद यह महसूस किया गया कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के बाद तेज गेंदबाजों की पौध सिकुड़ रही है। इसका एक बड़ा कारण टी20 क्रिकेट और आईपीएल का बढ़ता प्रभाव है, जिसके चलते युवा गेंदबाज चार ओवर के प्रारूप को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक वक्ता के अनुसार, "टेस्ट क्रिकेट समहाउ मुझे लगता है कि वह ना एक बेक ड्रॉप सा हो जाता है।" चर्चा में यह भी कहा गया कि इशांत शर्मा और उमेश यादव जैसे खिलाड़ियों के योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए। इसके जवाब में भारतीय क्रिकेट को गावस्कर, तेंदुलकर और विराट के तीन युगों में बांटा गया और यह तर्क दिया गया कि पहले के दौर में गेंदबाजी की गुणवत्ता काफी बेहतर थी। साथ ही, यह भी माना गया कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट की गुणवत्ता में भी गिरावट आई है।

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भारतीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजों की अगली पीढ़ी को लेकर चिंता जताई जा रही है। इंग्लैंड दौरे के बाद यह महसूस किया गया कि जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद शमी के बाद तेज गेंदबाजों की पौध सिकुड़ रही है। इसका एक बड़ा कारण टी20 क्रिकेट और आईपीएल का बढ़ता प्रभाव है, जिसके चलते युवा गेंदबाज चार ओवर के प्रारूप को प्राथमिकता दे रहे हैं। एक वक्ता के अनुसार, "टेस्ट क्रिकेट समहाउ मुझे लगता है कि वह ना एक बेक ड्रॉप सा हो जाता है।" चर्चा में यह भी कहा गया कि इशांत शर्मा और उमेश यादव जैसे खिलाड़ियों के योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए। इसके जवाब में भारतीय क्रिकेट को गावस्कर, तेंदुलकर और विराट के तीन युगों में बांटा गया और यह तर्क दिया गया कि पहले के दौर में गेंदबाजी की गुणवत्ता काफी बेहतर थी। साथ ही, यह भी माना गया कि सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि विश्व क्रिकेट की गुणवत्ता में भी गिरावट आई है।

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