डेनमार्क की बैडमिंटन खिलाड़ी मिया ब्लिचफेल्ट ने इंडिया ओपन के नए वेन्यू इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम की हालत की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि हॉल बदलने के बावजूद खिलाड़ियों के लिए माहौल में कोई खास सुधार नहीं हुआ है. हालांकि, भारतीय बैडमिंटन संघ ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है.
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क्या है पूरा मामला?
इस साल इंडिया ओपन सुपर 750 टूर्नामेंट को अगस्त में होने वाली विश्व चैंपियनशिप की तैयारी के लिए KD जाधव हॉल से हटाकर इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में शिफ्ट किया गया है. भारत 17 साल बाद विश्व चैंपियनशिप की मेजबानी कर रहा है.
दुनिया की 20वें नंबर की मिया दूसरे दौर में पहुंच चुकी हैं. ऐसे में उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "कोर्ट की हालत से मैं खुश हूं, लेकिन स्वास्थ्य संबंधी हालात से बिल्कुल नहीं. मैं उम्मीद कर रही थी कि नए हॉल में हालात बेहतर होंगे, लेकिन यहां भी बहुत गंदगी है और खिलाड़ियों की सेहत के लिए अच्छा नहीं. सब लोग दो पैंट, जैकेट, दस्ताने और टोपी पहनकर वॉर्म-अप कर रहे हैं."
कोर्ट एरिया है गंदा
उन्होंने आगे कहा कि ठंड और गंदा माहौल ने मुश्किलें बढ़ा दी हैं. "कोर्ट पर तेजी से खेलने की तैयारी करने वाले खिलाड़ी के लिए ये वॉर्म-अप की आदर्श स्थिति नहीं है. मैं जानती हूं कि आयोजक पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी बहुत सुधार की जरूरत है." मिया ने पिछले साल भी KD जाधव हॉल में ऐसी ही शिकायत की थी. उन्होंने कहा, "हालात में कोई बदलाव नहीं आया. कल अभ्यास कोर्ट पर आई तो चिड़िया उड़ रही थीं और कोर्ट पर गंदगी फैला रही थीं. ये सेहत के लिए अच्छा नहीं है. कई खिलाड़ी ऐसे हालात में खेलने को तैयार नहीं होंगे. विश्व बैडमिंटन महासंघ को इस पर ध्यान देना चाहिए."
मिया ने की अपील
विश्व चैंपियनशिप से पहले उन्होंने आयोजकों और BWF से अपील की और कहा कि, "मुझे नहीं लगता कि बहुत से खिलाड़ी इन हालात में खेलना चाहेंगे. उम्मीद है कि सब लोग इस पर गौर करेंगे. अगर कोई खिलाड़ी बीमार पड़ गया या चोट लग गई, तो ये गलत होगा." कनाडा की मिशेल ली ने भी कहा कि यहां बहुत ठंड है और अभ्यास करना मुश्किल हो रहा है. "ये हॉल बहुत बड़ा है, मैं दो बार रास्ता भूल चुकी हूं. पिछले हॉल से ज्यादा ठंडा लगता है."
BAI ने दिया जवाब
BAI के महासचिव संजय मिश्रा ने जवाब देते हुए कहा कि मिया की बातें सामान्य हालात और उनकी निजी स्वास्थ्य पर थीं, मुख्य प्रतियोगिता वाले हॉल पर नहीं. "उन्होंने साफ कहा है कि प्रतियोगिता स्थल अच्छी तरह रखरखाव किया गया है. वॉर्म-अप एरिया की बात KD जाधव स्टेडियम की थी, जो अभ्यास का स्थान है, मुख्य कोर्ट नहीं." उन्होंने आगे कहा, "वो धूल और पर्यावरण के प्रति ज्यादा संवेदनशील हैं, ये उनकी निजी राय है. मुख्य हॉल साफ-सुथरा है, कोई धूल नहीं और कोई कबूतर नहीं. कई खिलाड़ी हालात से संतुष्ट हैं."
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