बुमराह के एक मंत्र ने पलटी किस्मत, चोटिल महिला क्रिकेटर अब धमाकेदार वापसी के लिए तैयार

क्रिकेट से 14 महीने दूर रहने वाली भारतीय स्टार महिला क्रिकेटर श्रेयांका पाटिल WPL खेलने के लिए तैयार हैं. श्रेयांका ने कहा कि सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में बुमराह ने उन्हें काफी मोटिवेट किया था.

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श्रेयांका पाटिल और जसप्रीत बुमराह (photo: getty)

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श्रेयांका पाटिल WPL में वापसी करेंगी

श्रेयांका ने कहा कि बुमराह ने उनकी मदद की

भारतीय महिला क्रिकेटर श्रेयांका पाटिल कई दिनों से चोटिल हैं और बेंगलुरु के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में रिकवरी कर रही हैं. लेकिन इस बीच उन्हें टीम इंडिया के धाकड़ गेंदबाज जसप्रीत बुमराह मिले जिनके अहम टिप्स की बदौलत पाटिल अब इंटरनेशनल क्रिकेट में फिर से वापसी के लिए तैयार हैं. श्रेयांका पिछले 14 महीने से बाहर हैं. उन्हें कलाई की चोट लगी, इसके बाद उनके अंगूठे में फ्रैक्चर हुआ.

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मानसिक तनाव से गुजर रहीं थी

बता दें कि श्रेयांका जब अपनी चोट से रिकवर कर रही थीं तब फिजिकल से ज्यादा वो मानसिक तनाव में थीं. इस दौरान उन्होंने वीमेंस प्रीमियर लीग 2025, श्रीलंका ट्राई सीरीज, इंग्लैंड दौरा मिस किया. वहीं घर पर उन्होंने वनडे वर्ल्ड कप भी मिस किया. लेकिन अब श्रेयांका वापसी के लिए तैयार हैं.

वापसी पर क्या बोलीं श्रेयांका?

श्रेयांका ने कहा कि, “मैंने सोचा था कि ये बस एक छोटी-मोटी चोट है,” . “मुझे लगा था कि दो-तीन महीने में वापस मैदान पर लौट आऊंगी. कभी कल्पना भी नहीं की थी कि एक साल से ज्यादा समय तक खेल से दूर रहना पड़ेगा.” “जब लगातार टूर्नामेंट मिस करने लगी, और फिर डब्ल्यूपीएल भी छूट गई, तो वो मेरे लिए बहुत बड़ा झटका था,”. “वर्ल्ड कप मिस करना तो और भी दुखदायी था. एक क्रिकेटर के तौर पर हर कोई वो ट्रॉफी उठाना चाहता है.”

बुमराह ने की मदद

श्रेयांका ने आगे कहा कि, “मेरे मन में ढेर सारे सवाल थे. प्रेशर में गेंदबाजी कैसे करें, यॉर्कर कैसे प्रैक्टिस करें. वो तेज गेंदबाज हैं और मैं स्पिनर, लेकिन मैं भी डेथ ओवर्स में बॉलिंग करती हूं.'' फिर बुमराह ने कहा कि, ये ठीक है, सबके साथ होता है. मैंने उनसे कहा कि, मैं कम उम्र में ये सब झेल रही हूं, तो उन्होंने बताया कि, ‘इससे लड़ो मत, बस इसे जी लो.'' बता दें कि, ये बातचीत, साथ ही CoE में अन्य क्रिकेटरों से अनऑफिशियल गपशप, जैसे रियान पराग, मयंक यादव, आशा शोभना और अमनजोत कौर वगैरह ने धीरे-धीरे उन्हें अकेलेपन से बाहर निकालने में मदद की.

आरसीबी की शुक्रगुजार हूं

श्रेयांका ने बताया कि, “शुरुआत में मैं किसी से बात नहीं करती थी. दो-तीन महीने तक खुद को कमरे में बंद करके रखा. “वो मैं बिल्कुल नहीं थी. मैं तो हमेशा बहुत चुलबुली रहती हूं. लेकिन लोगों से बात करने से पता चला कि मैं अकेली नहीं हूं.” बता दें कि, श्रेयांका की खुशी वापस लाने में एक फोन कॉल ने भी बड़ा रोल अदा किया. पिछले साल के आखिर में मलोलन रंगराजन का कॉल आया, जिसमें खबर दी गई कि मेगा ऑक्शन से पहले रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरुउन्हें रिटेन कर रही है. श्रेयंका के अपने शब्दों में, उनका “दिमाग ही खाली हो गया.”

श्रेयंका ने उस पल को याद कर कहा कि, “जो लड़की 13-14 महीने से नहीं खेली, फिर भी उन्होंने मुझे कहा कि, हम तुम्हें बैक करेंगे क्योंकि तुम्हारी स्किल बहुत अच्छी है.' ये कितना बड़ा कॉन्फिडेंस देता है.” “उससे पहले मैं बहुत ओवरथिंकिंग कर रही थी. क्या अगर रिटेन नहीं हुई तो? कौन सी टीम में खेलूंगी? ऐसे सारे ख्याल आ रहे थे. कॉल आने के बाद मैंने अर्जुन सर (मेरे पर्सनल कोच) को फोन किया और बस रोने लगी. पता ही नहीं था कि क्या फील कर रही हूं. बस इतना प्यार और विश्वास मिला था.”

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