सरकारी स्कूलों से राष्ट्रीय शिखर तक: पंजाब की ऐतिहासिक शिक्षा यात्रा

भारत सरकार द्वारा कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) में पंजाब ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया. यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पंजाब ने इस बार शिक्षा के क्षेत्र में केरल जैसे लंबे समय से अग्रणी राज्य को भी पीछे छोड़ दिया.

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पंजाब में ‘मान सरकार तुहाड़े द्वार’ योजना से फायदा होने का दावा (फोटो-ITG)

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NEET की तरह ही JEE Mains और JEE Advanced में भी सरकारी स्कूलों के सैकड़ों छात्र सफल हुए हैं.

पंजाब सरकार ने हजारों नए शिक्षकों की भर्ती की है, लंबे समय से काम कर रहे शिक्षकों को नियमित किया.

सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि गरीबी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न बने.

पंजाब की शिक्षा व्यवस्था ने पिछले कुछ वर्षों में ऐसा बदलाव देखा है, जिसकी मिसाल देश भर में दी जा रही है. कभी सरकारी स्कूलों को संसाधनों की कमी और कमजोर नतीजों के लिए जाना जाता था, आज वही स्कूल राष्ट्रीय स्तर पर अव्वल बन चुके हैं. यह बदलाव अपने आप नहीं आया, बल्कि एक स्पष्ट नीति, शिक्षकों की मेहनत और सरकार की मजबूत प्रतिबद्धता का नतीजा है. आज पंजाब की शिक्षा व्यवस्था सिर्फ परीक्षा पास कराने तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चों को भविष्य के लिए तैयार करने का माध्यम बन गई है.

राष्ट्रीय उपलब्धि: पंजाब बना नंबर-1
भारत सरकार द्वारा कराए गए नेशनल अचीवमेंट सर्वे (NAS) में पंजाब ने पूरे देश में पहला स्थान हासिल किया. यह उपलब्धि इसलिए भी ऐतिहासिक है क्योंकि पंजाब ने इस बार शिक्षा के क्षेत्र में केरल जैसे लंबे समय से अग्रणी राज्य को भी पीछे छोड़ दिया. यह सर्वे छात्रों कि पढ़ने-लिखने की क्षमता, गणित और विज्ञान की समझ, सोचने और विश्लेषण करने की शक्ति को परखता है. पंजाब के बच्चों ने हर पैमाने पर शानदार प्रदर्शन किया.

सरकारी स्कूलों से निकल रहे हैं डॉक्टर
पंजाब के सरकारी स्कूलों के लिए सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक यह है कि अब बड़ी संख्या में सरकारी स्कूलों के छात्र NEET जैसी कठिन मेडिकल परीक्षा पास कर रहे हैं. पहले यह माना जाता था कि डॉक्टर बनने का सपना सिर्फ महंगे निजी स्कूलों के बच्चों के लिए होता है, लेकिन पंजाब के बच्चों ने इस सोच को गलत साबित कर दिया है. एक छात्र ने कहा, “हम गांव के स्कूल से पढ़े हैं, लेकिन हमें भी वही मौके मिले जो बड़े शहरों के बच्चों को मिलते हैं.”

इंजीनियरिंग में भी पंजाब के बच्चे आगे
NEET की तरह ही JEE Mains और JEE Advanced में भी सरकारी स्कूलों के सैकड़ों छात्र सफल हुए हैं. यह इस बात का प्रमाण है कि सरकारी स्कूलों में अब शिक्षा का स्तर इतना मजबूत हो चुका है कि बच्चे देश के सबसे कठिन मुकाबलों में टिक पा रहे हैं.

मुफ्त किताबें और यूनिफॉर्म: कोई बच्चा पीछे न रहे
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि गरीबी किसी भी बच्चे की पढ़ाई में रुकावट न बने. इसलिए सभी छात्रों को मुफ्त किताबें, मुफ्त यूनिफॉर्म दी जा रही हैं. इससे माता-पिता पर आर्थिक बोझ कम हुआ है और स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या घटी है.

शिक्षकों में नई जान: भर्ती और नियमितीकरण
पंजाब सरकार ने हजारों नए शिक्षकों की भर्ती की है, लंबे समय से काम कर रहे शिक्षकों को नियमित किया है. इससे स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर हुआ है और बच्चों को लगातार एक-सा मार्गदर्शन मिल रहा है.

बच्चों का बदला हुआ आत्मविश्वास
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों का आत्मविश्वास आज बिल्कुल अलग है. वे अब बड़े सपने देखते हैं - डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, अधिकारी बनने के सपने. एक छात्रा ने कहा, “अब हमें लगता है कि हम भी देश के सबसे अच्छे कॉलेजों में पढ़ सकते हैं.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का विज़न
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब का भविष्य उसकी कक्षाओं में बैठा है. जब सरकारी स्कूलों के बच्चे देश में टॉप करते हैं और NEET-JEE जैसी परीक्षाएं पास करते हैं, तो यह साबित करता है कि हमारी शिक्षा नीति सही दिशा में है.” उन्होंने शिक्षा को पंजाब की सबसे बड़ी पूंजी बताया है.

पंजाब की नई पहचान
आज पंजाब की पहचान सिर्फ खेती या खेल तक सीमित नहीं रही. अब पंजाब शिक्षा में भी देश का नेतृत्व कर रहा है. यह क्रांति आने वाली पीढ़ियों को एक ऐसा राज्य दे रही है जहां सपने देखने और उन्हें पूरा करने के बीच कोई दीवार नहीं होगी.

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