गांव-गांव ज्ञान की रोशनी: पंजाब की लाइब्रेरी क्रांति

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह महसूस किया कि अगर युवाओं को सही माहौल मिल जाए तो वे नशे से भी दूर रहेंगे और रोजगार की ओर बढ़ेंगे.

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान (PC: Getty)

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पंजाब के हर गांव में आधुनिक लाइब्रेरी.

लाइब्रेरी पर सरकार का अच्छा-खासा निवेश.

पंजाब के हजारों गांवों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं रही है, लेकिन अक्सर बच्चों और युवाओं के पास पढ़ने के लिए सही जगह नहीं होती थी. शोर-शराबे वाले घर, बिजली-इंटरनेट की कमी और शहरों की दूरी पढ़ाई में बड़ी बाधा बनती थी.इस सच्चाई को समझते हुए पंजाब सरकार ने एक अनोखा और दूरदर्शी फैसला लिया, हर गांव में आधुनिक लाइब्रेरी. यह फैसला आज पंजाब के युवाओं के लिए एक नई दुनिया खोल रहा है.

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मुख्यमंत्री का ऐतिहासिक फैसला

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह महसूस किया कि अगर युवाओं को सही माहौल मिल जाए तो वे नशे से भी दूर रहेंगे और रोजगार की ओर बढ़ेंगे. इसी सोच से गांवों में लाइब्रेरी बनाने का फैसला लिया गया. उनका मानना है कि किताबें गरीबी, नशा और बेरोजगारी के खिलाफ सबसे मजबूत हथियार हैं.

कितनी लाइब्रेरियां बन चुकी हैं?

आज पंजाब में सैकड़ों गांवों में आधुनिक लाइब्रेरियां बन चुकी हैं. ये सिर्फ अलमारी और कुर्सी नहीं, बल्कि एसी या अच्छे पंखे, रोशनी, शांत माहौल, प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबें से लैस अध्ययन केंद्र हैं. छोटे गांव जो कभी शहरों पर निर्भर थे, अब खुद पढ़ाई के केंद्र बन रहे हैं.

लाइब्रेरी के अंदर क्या मिलता है?

इन लाइब्रेरियों में युवाओं को सरकारी नौकरी की तैयारी की किताबें, अखबार और मैगजीन, कंप्यूटर और इंटरनेट, आरामदायक स्टडी टेबल जैसी सुव‍िधाएं मिलती है. एक छात्र ने कहा कि अब हमें शहर नहीं जाना पड़ता.गांव में ही हम IAS और बैंक की तैयारी कर रहे हैं.

कितना खर्च किया जा रहा है?

हर लाइब्रेरी पर सरकार ने अच्छा-खासा निवेश किया है ताकि भवन अच्छा हो, किताबें अपडेट हों, बिजली और इंटरनेट मिले. यह सरकार की सोच दिखाता है कि यह कोई दिखावा नहीं, बल्कि मानव पूंजी में निवेश है.

युवाओं की जिंदगी कैसे बदली?

लाइब्रेरियों ने पढ़ाई की संस्कृति बनाई. नशे से दूरी बढ़ाई. प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता बढ़ाई. एक युवक ने कहा कि पहले हम खाली बैठते थे. अब रोज लाइब्रेरी आते हैं. हमारा लक्ष्य बन गया है.

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान का बयान

उन्होंने कहा कि जब गांव का बच्चा लाइब्रेरी में बैठेगा तो उसका भविष्य उज्ज्वल होगा. हम हर गांव में ज्ञान की रोशनी पहुंचा रहे हैं.

शांत लेकिन गहरी क्रांति

पंजाब की लाइब्रेरी क्रांति कोई शोर नहीं मचाती, लेकिन हर दिन किसी न किसी गांव में किसी न किसी बच्चे का भविष्य बदल रही है. यह दिखाता है कि जब सरकार सही जगह निवेश करती है, तो समाज खुद बदलने लगता है. 

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