भारतीय स्टार ने 34 की उम्र में अचानक संन्यास लेकर चौंकाया, इमोशनल पोस्ट के साथ किया करियर को कहा अलविदा

भारत के स्टार धावक जिन्सन जॉनसन के करियर का सबसे यादगार पल 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में 1500 मीटर में तीन मिनट 44.72 सेकेंड के समय से गोल्ड मेडल जीतना रहा.

Profile

SportsTak

अपडेट:

SportsTak Hindi

जिन्सन जॉनसन ने अपने 15 साल के करियर को अलविदा कहा. (PC: Getty)

Story Highlights:

जिन्सन जॉनसन ने अपने 15 साल के करियर को अलविदा कहा.

जॉनसन एश‍ियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट हैं.

एश‍ियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट भारत के स्टार धावक जिन्सन जॉनसन ने बुधवार को संन्यास की घोषणा करते हुए कहा कि 15 सालों के करियर के बाद अब कुछ नया करने का समय आ गया है. केरल के इस 34 साल के एथलीट ने कहा कि उनका सफर ‘मुश्किल ट्रेनिंग, संघर्षों और दर्दनाक चोटों’ से भरा रहा. जॉनसन ने अक्टूबर 2023 में हांग्झोउ एश‍ियन गेम्स में 1500 मीटर में कांस्य पदक जीतने के बाद से किसी प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया है.

टीम इंडिया को मिली खुखबरी, न्यूजीलैंड के खिलाफ सीरीज के लिए फिट हुआ ये धुरंधर

उनके करियर का सबसे यादगार पल 2018 जकार्ता एशियाई खेलों में 1500 मीटर में तीन मिनट 44.72 सेकेंड के समय से गोल्ड मेडल जीतना रहा. इन्हीं खेलों में उन्होंने 800 मीटर में सिलवर भी जीता था. जॉनसन ने इंस्टाग्राम पर एक इमोशनल पोस्ट शेयर करके ल‍िखा कि सपने देखने वाले लड़के की यात्रा कोलकाता से शुरू हुई और 2023 हांग्झोउ एशियाई खेलों के पोडियम तक पहुंची. धन्यवाद, एथलेटिक्स.

जॉनसन की उपलब्धियां

उन्होंने आगे लिखा कि कुछ सफर मीटर और सेकेंड में मापे जाते हैं. कुछ आंसुओं, बलिदानों, आस्था और उन लोगों से देखी जाती हैं जो आपको कभी गिरने नहीं देते. जॉनसन ने 2018 में गुवाहाटी में राष्ट्रीय अंतर-राज्यीय चैंपियनशिप के दौरान एक मिनट 45.65 सेकेंड का समय निकालकर महान एथलीट श्रीराम सिंह का 42 साल पुराना 800 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा था. हालांकि यह रिकॉर्ड 2025 में मोहम्मद अफसल ने तोड़ दिया.

गोल्ड कोस्ट 2018 राष्ट्रमंडल खेलों (ऑस्ट्रेलिया) में जॉनसन ने तीन मिनट 37.86 सेकेंड का समय निकालकर बहादुर प्रसाद का 23 साल पुराना 1500 मीटर राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा. हालांकि वे फाइनल में पांचवें स्थान पर रहे थे. इसके बाद उन्होंने अपने ही राष्ट्रीय रिकॉर्ड में दो बार और सुधार किया जिसमें 2019 में बर्लिन मीट में बनाया गया 3:35.24 सेकेंड का समय उनका सर्वश्रेष्ठ रहा. उन्होंने कहा कि दो राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ना और भारतीय एथलेटिक्स में योगदान देना मेरे जीवन के सबसे गौरवशाली पलों में से एक रहेगा.

भारत के लिए दौड़ने का सपना

जॉनसन ने अपने लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि मेरी यात्रा 2007 में कोलकाता से शुरू हुई, जब स्कूल नेशनल में मैंने अपना पहला पदक जीता. तब मुझे नहीं पता था कि यह रास्ता मुझे कहां ले जाएगा. मुझे बस इतना पता था कि मैं भारत के लिए दौड़ना चाहता हूं. उन्होंने कहा कि इसके बाद का जीवन मुश्किल ट्रेनिंग, संघर्षों, दर्दनाक चोटों, ट्रैक, परीक्षा लेने वाली वापसी और ऐसे पलों से भरा रहा, जिन्होंने हर बलिदान को सार्थक बना दिया.

करियर का सर्वश्रेष्ठ साल

जॉनसन के लिए करियर का सर्वश्रेष्ठ साल 2018 रहा. उन्होंने कहा कि 2018 में मैं एशिया का शीर्ष एथलीट बना, जिससे मुझे ओस्ट्रावा में ‘आईएएएफ वर्ल्ड कॉन्टिनेंटल कप’ में एशिया-पैसिफिक का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला. वह साल वास्तव में यादगार था, मैंने जकार्ता एशियाई खेलों में 1500 मीटर में गोल्ड और 800 मीटर में सिल्वर जीता.

उन्होंने आगे कहा कि सब कुछ अच्छा चल रहा था, लेकिन 2019 में कोविड-19 और एड़ी की गंभीर चोट ने मेरे करियर को बुरी तरह प्रभावित किया. तीन साल के संघर्ष और इससे उबरने के बाद मैंने हांग्झोउ एशियाई खेलों 2023 में कांस्य पदक जीता जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेरी आख‍िरी दौड़ थी.

T20 WC 2026 से पहले श्रीलंका का बड़ा कदम, भारत के वर्ल्ड चैंपियन को टीम से जोड़ा

    यह न्यूज़ भी देखें

    Share