National Boxing Championships: नेशनल सीनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप का मजाक बन गया है. टूर्नामेंट के पहले दिन रविवार को तैयारियां देख मुक्केबाजों के होश तक उड़ गए. मुक्केबाजों को घंटों तक बेसब्री से इंतजार करना पड़ा. लॉजिस्टिक्स (प्रतियोगिता के लिए जरूरी सामान) संबंधी दिक्कतों के कारण चैंपियनशिप चार घंटे देरी से शुरू हुई. पहली बार एक साथ हो रही पुरुष और महिला नेशनल चैंपियनशिप गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय में दोपहर दो बजे शुरू होनी थी, मगर पहला दिन मुक्केबाजों के लिए इंतजार में ही बीत गया.
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प्रतियोगिता के रिंग तैयार नहीं थे. तीन रिंग तैयार होने थे, लेकिन शाम चार बजे तक केवल एक ही रिंग तैयार हो पाया और तकनीकी खराबी के कारण उसे भी दोबारा लगाना पड़ा. दिन के 80 मुकाबलों (38 महिला और 42 पुरुष) में से पहला मुकाबला आखिरकार शाम साढ़े छह बजे पुरुषों के मुकाबले के साथ शुरू हुआ. जबकि महिला मुक्केबाजों को और भी लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा, क्योंकि रात आठ बजे तक भी उनके मुकाबलों के शुरू होने की कोई जानकारी नहीं मिली थी. तीसरा रिंग भी अभी तक तैयार नहीं हुआ था.
लॉजिस्टिक्स समस्याओं के कारण देरी
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के महासचिव प्रमोद कुमार ने पीटीआई को बताया कि देरी कुछ लॉजिस्टिक्स समस्याओं के कारण हुई. बीएफआई ने लॉजिस्टिक्स परेशानियों को देरी का कारण बताया तो वहीं मामले से जुड़े सूत्रों ने कहा कि यह भुगतान संबंधी समस्याओं के कारण हुई थी. सोर्स का कहना है कि विक्रेता को भुगतान नहीं किया गया था. भुगतान मिलने के बाद ही काम शुरू हुआ. टूर्नामेंट के लिए कोई प्रायोजक भी नहीं था.
स्टेडियम से चली गई वर्ल्ड चैंपियन
महिला वर्ग के शुरुआती मुकाबले में भिड़ने वाली 48 किग्रा की मौजूदा विश्व चैंपियन मीनाक्षी हुड्डा दोपहर बाद हॉल के अंदर योगा मैट पर बैठी नजर आईं. हालांकि आयोजकों की ओर से कोई सूचना नहीं मिलने पर वह आखिरकार शाम सात बजे स्टेडियम से चली गईं. कई अन्य मुक्केबाजों भी हॉल में इधर-उधर घूमते रहे, क्योंकि कोई घोषणा नहीं हुई थी.
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