सूर्यकुमार यादव बुरे दौर से कैसे निकले बाहर, सुनील गावस्कर ने बता दिया सबकुछ

सुनील गावस्कर ने सूर्यकुमार यादव को लेकर कहा कि, सूर्य ने एक बदलाव किया है और अब उन्होंने सीधा खेलना शुरू कर दिया है. यही कारण है कि उनसे रन बन रहे हैं.

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मैच के दौरान शॉट खेलते हुए सूर्यकुमार यादव (photo: getty)

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सूर्यकुमार यादव पर गावस्कर ने बड़ा बयान दिया है

गावस्कर ने कहा कि सूर्य ने सीधा खेलना शुरू कर दिया है

भारत के दिग्गज क्रिकेटर सुनील गवास्कर ने आखिरकार खुलासा कर दिया है कि सूर्यकुमार यादव ने कैसे वापसी की. गावस्कर ने कहा कि उन्होंने अपनी बैटिंग में एक टेक्निकल बदलाव किया, जिसने उन्हें फिर से पुराने रंग में लौटने में मदद की. टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार ने 468 दिनों और 24 पारियों के बाद इस फॉर्मेट में पहली हाफ सेंचुरी ठोकी. उन्होंने 37 गेंदों में 82 रनों की जबरदस्त पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 4 छक्के शामिल थे. इसी पारी की बदौलत भारत ने टी20 में अपना संयुक्त सबसे बड़ा टारगेट हासिल कर लिया.

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भारत की दूसरी जीत

बता दें कि, जब सूर्यकुमार बल्लेबाजी के लिए आए तब टीम 1.1 ओवर में 6/2 के मुश्किल हालात में थी. फिर उन्होंने इशान किशन के साथ सिर्फ 48 गेंदों में 122 रनों की जबरदस्त साझेदारी की. इशान ने 32 गेंदों में 76 रन बनाए. शुरू में सूर्यकुमार थोड़े सतर्क रहे. पहली 11 गेंदों पर सिर्फ 11 रन लिए. लेकिन उसके बाद उन्होंने 23 गेंदों में ही फिफ्टी पूरी कर ली. फॉर्म में लौटने के बाद गवास्कर ने उनकी तकनीक में आए बड़े बदलाव की बात की. उन्होंने कहा कि सूर्यकुमार अब ज्यादा सीधे खेलने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे शुरुआत में ही रन बनने लगे.

टेक्निकल बदलाव से आए सूर्य के रन: गावस्कर

गवास्कर ने स्टार स्पोर्ट्स पर कहा, “वो 11 गेंदों पर 11 रन ही बना पाए थे. उस 122 रनों की साझेदारी में 76 तो इशान ने बनाए, लेकिन इससे कप्तान की समझदारी भी दिखती है. सामने एक ऐसा बल्लेबाज था जो खूब रन बना रहा था, तो सूर्यकुमार ने उसे ज्यादा स्ट्राइक दी और खुद अपनी आंख बैठाई. वो खुद को बड़े शॉट्स के लिए तैयार कर रहे थे. जैसे ही इशान आउट हुआ, सूर्यकुमार ने कमान संभाली और गेंद को जोर से मारा. खास तौर पर ऑफ साइड में ड्राइव खेलना उनका सबसे बड़ा प्लस पाइंट था. मतलब वो जितना हो सके, सीधा खेलने की कोशिश कर रहे थे. एक बार ये आदत पड़ गई, तो फिर वो बड़े शॉट्स भी आसानी से लगने लगे. ये शानदार पारी थी और वर्ल्ड कप से ठीक पहले भारतीय टीम के लिए बहुत बड़ा बूस्ट.”

माइंडसेट में किया बदलाव

गवास्कर ने ये भी कहा कि ये सूर्यकुमार के लिए माइंडसेट में बड़ा बदलाव था. पहले वो शुरुआत में ही आउट हो जाते थे, क्योंकि लेग साइड या विकेट के पीछे वाले शॉट्स खेलने की कोशिश में फंस जाते थे. देखो, सूर्यकुमार ने टी20 करियर की शुरुआत जोफ्रा आर्चर पर स्कूप शॉट से छक्का मारकर की थी. तो लगता होगा कि यही शॉट मुझे रन दिला रहा है. लेकिन नहीं. जब आप गेंद को सीधे पिच डाउन खेलने की कोशिश करते हैं. ऑन ड्राइव खेलना आसान नहीं होता. लेकिन सूर्यकुमार ने इसे इतने आराम और समय के साथ खेला. बल्ले के बीच में गेंद लगने पर बल्लेबाज को जो कॉन्फिडेंस मिलता है, वो अलग ही होता है. हर गेंद के साथ उनकी कॉन्फिडेंस बढ़ती दिख रही थी.

2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद और न्यूजीलैंड सीरीज शुरू होने से लेकर अब तक सूर्यकुमार ने 28 पारियों में सिर्फ 448 रन बनाए थे. औसत रहा 17.92 का, और सिर्फ दो फिफ्टी. घरेलू वर्ल्ड कप से पहले उनकी खराब फॉर्म को लेकर काफी बातें होने लगी थीं. लेकिन पहले टी20 में उन्होंने 22 गेंदों पर 32 रन बनाकर अच्छी शुरुआत दिखाई, और अब इस मैच विनिंग 82 के साथ फॉर्म में लौट आए. तीसरा टी20 25 जनवरी को गुवाहाटी में है. सूर्यकुमार इस दौरा सीरीज जीतने के लिए एक और शानदार पारी खेलना चाहेंगे.

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