रणजी ट्रॉफी 2022 के नॉकआउट मैचों की शुरुआत 6 जून से हो गई. पहले दिन टीम इंडिया के बैक अप ओपनर्स के रूप में दावा पेश करने वाले खिलाड़ियों का हाल बुरा रहा. फिर क्या शुभमन गिल, क्या मयंक अग्रवाल और क्या पृथ्वी शॉ, तीनों के ही हाल बुरे रहे. ये तीनों खिलाड़ी अपनी-अपनी टीमों के रणजी ट्रॉफी क्वार्टर फाइनल मुकाबलों के पहले दिन बड़े रन बना पाने में नाकाम रहे. ऐसे में इंग्लैंड दौरे से पहले भारतीय टीम के सेलेक्टर्स के लिए परेशानी खड़ी हो सकती है. तीनों इंग्लैंड दौरे पर होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच के लिए भारतीय टीम में बैक अप ओपनर के रूप में चुने जाने के दावेदार हैं.
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गिल और मयंक दोनों नहीं चले
पंजाब की ओर से खेलते हुए शुभमन गिल केवल नौ रन बनाकर आउट हो गए. उन्होंने मध्य प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में नौ गेंदों का सामना किया और दो चौके लगाए. फिर पुनीत दाते की गेंद पर वे बोल्ड हो गए. इससे पंजाब की शुरुआत खराब रही. वहीं मयंक अग्रवाल की बात की जाए तो कर्नाटक की ओर से खेलते हुए वे 10 रन बना सके. उत्तर प्रदेश के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सधी हुई शुरुआत की और आउट होने से पहले 41 गेंदों का सामना किया. अपनी पारी में उन्होंने एक चौका भी लगाया. लेकिन मयंक 41 गेंद खेलने के बाद भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे.
शॉ तूफानी शुरुआत के बाद फेल
मुंबई के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने आक्रामक अंदाज में बैटिंग की और 20 गेंद में 21 रन बनाए. उनकी पारी में चार चौके लगे. लेकिन यह खिलाड़ी भी अच्छी शुरुआत को बड़ी पारी में तब्दील नहीं कर पाया और उत्तराखंड के तेज गेंदबाज दीपक धपोला की गेंद पर बोल्ड हो गया. शॉ के साथ पिछले कुछ समय से यह समस्या है कि तेजी से रन जोड़ने के बाद भी वे बड़े रन नहीं बना पा रहे हैं. आईपीएल में भी उनके साथ ऐसा ही हुआ था.
भारत को इंग्लैंड से इकलौता टेस्ट मैच जुलाई में खेलना है. इसके लिए रोहित शर्मा और केएल राहुल मुख्य ओपनर के रूप में रहेंगे. उनके बैक अप के लिए गिल, शॉ और मयंक की दावेदारी है. लेकिन जिस तरह का उनका प्रदर्शन है उससे मामला चिंताजनक लग रहा है.
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