नई दिल्ली। एशेज सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच से पहले ऑस्ट्रेलिया की 15 सदस्यीय टीम में भी जिस खिलाड़ी का नाम शामिल नहीं था. उसने प्लेइंग इलेवन में जगह बनाते हुए शानदार डेब्यू से धमाल मचा डाला. अपनी घातक तेज गेंदबाजी से ऑस्ट्रेलिया के स्कॉट बोलेंड ने अंग्रेज बल्लेबाजों बल्लेबाजों को दिन में तारे दिखा दिए. जिसका आलम यह रहा कि दूसरी पारी में बोलेंड ने 7 रन देकर 6 विकेट झटके और इंग्लैंड की दूसरी पारी को 68 रन पर समेट दिया. जिससे ऑस्ट्रेलिया को पारी और 14 रन की विशाल जीत के साथ एशेज सीरीज में भी जीत हासिल हुई. बोलेंड की कहर बरपाती गेंदबाजी के चलते ऑस्ट्रेलिया ने 5 मैचों की सीरीज में 3-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली. जिसके चलते बोलेंड को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए न सिर्फ उन्हें मैन ऑफ़ द मैच बल्कि मुलाग मेंडल से भी समानित किया गया.
ADVERTISEMENT
126 साल बाद किसी ने किया दमदार प्रदर्शन
दरअसल तीसरे दिन जब ऑस्ट्रेलिया मैदान में उतरी तब उसे 51 रन के अंदर इंग्लैंड के 6 विकेट गिराने थे. इसके बाद बोलेंड ने गेंद थामी और एक के बाद एक करके विकेट झटकने शुरू कर डाले. बोलेंड की गेंदों के आगे अंग्रेज बल्लेबाजो ने घुटने टेक दिए और बोलेंड ने ख़ास रिकॉर्ड अपने नाम कर डाला. डेब्यू मैच की पहली पारी में बोलेंड ने एक विकेट तो दूसरी पारी में 6 विकेट चटकाए. इस तरह मैच में 55 रन देकर उन्होंने कुल 7 विकेट हासिल किए. जिससे ऑस्ट्रेलिया सरजमीं पर डेब्यू टेस्ट मैच की एक पारी में 6 विकेट लेने के साथ उन्होंने 126 साल बाद ख़ास रिकॉर्ड बनाया. इससे पहले साल 1895 में ऑस्ट्रेलिया के लिए ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट डेब्यू करते हुए एल्बर्ट ट्राट ने इंग्लैंड के खिलाफ एडिलेड ओवेल में 43 रन देकर 8 विकेट चटकाए थे. जिसके बाद डेब्यू टेस्ट मैच की एक पारी में सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन का रिकॉर्ड अब बोलेंड के नाम जुड़ गया है.
गिलेस्पी के बाद खेलने वाले दूसरे आदिवासी क्रिकेटर बने बोलेंड
बोलेंड ने जब अपने घरेलू मैदान मेलबर्न में डेब्यू किया था. तभी वह ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी जनजाति से ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेलने वाले पूर्व दिग्गज खिलाड़ी जेसन गिलेस्पी के बाद दूसरे पुरुष टेस्ट क्रिकेटर बने थे. ऐसे में जब उन्होंने दमदार प्रदर्शन किया तो प्लेयर ऑफ द मैच का जॉनी मुलाग मेडल दिया गया. यह पुरस्कार 1868 में इंग्लैंड का दौरा करने वाली ऑस्ट्रेलिया की मूलनिवासी टीम के सम्मान में है. जेसन और बोलेंड के अलावा दो महिला आदिवासी क्रिकेटर फेथ थॉमस और एश्ले गार्डनर ने भी ऑस्ट्रेलिया के लिए टेस्ट क्रिकेट खेला.
कौन थे जॉनी मुलाग
दरअसल, जॉनी मुलाग का पूरा नाम उनारिमिन था और विदेशी दौरे पर जाने वाली पहली ऑस्ट्रेलियाई टीम के कप्तान थे. उनकी कप्तानी में में 1868 में टीम ने ब्रिटेन का दौरा किया था. यह ऑस्ट्रेलियाई टीम का पहला अंतरराष्ट्रीय दौरा था. मुलाग ने 1868 में क्षेत्रीय टीम का नेतृत्व किया था. इस दौरे में उन्होंने 47 में से 45 मैच खेले थे और लगभग 23 की औसत से 1698 रन बनाए थे.
जबकि गेंदबाजजी में उन्होंने 1877 ओवर डालते हुए 245 विकेट हासिल किए थे. इसके अलावा वह कामचलाऊ विकेटकीपर भी थे और 4 स्टंपिंग की थी.
2016 में बोलेंड ने किया था अंतरराष्ट्रीय डेब्यू
बोलेंड की बात करें तो उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय मैच साल 2016 में खेला था. लेकिन टेस्ट क्रिकेट में अभी तक उन्हें खेलने का मौक़ा नहीं मिला था. वही टी20 और वनडे अंतरराष्ट्रीय करियर की बात करें तो उन्होंने 14 वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेले हैं. जिसमें वनडे क्रिकेट में उनके नाम 16 जबकि टी20 क्रिकेट में उनके नाम तीन ही विकेट शामिल हैं.
272 विकेट के साथ घरेलू क्रिकेट के स्टार हैं बोलेंड
वहीं बोलेंड के घरेलू क्रिकेट की बात करें तो वह ऑस्ट्रेलिया के लिए 79 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं. जिसमें उन्होंने 272 विकेट अपने नाम किए हैं. इस दौरान उन्होंने 7 बार 5 विकेट हॉल लेने का कमाल किया है. जबकि 31 रन पर 7 विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन रहा है.
ADVERTISEMENT









