पूर्व चैंपियन किदांबी श्रीकांत नौ साल के इंतजार के बाद सैयद मोदी बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतने के काफी करीब पहुंच गए हैं. वह खिताब से महज एक कदम दूर हैं. उनके अलावा गत चैंपियन त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी भी शनिवार को विपरीत अंदाज में जीत दर्ज करते हुए महिला युगल फाइनल में जगह बनाई. साल 2016 में सैयद मोदी बैडमिंटन टूर्नामेंट जीतने वाले श्रीकांत ने कड़े मुकाबले में हमवतन और 2023 के राष्ट्रीय चैंपियन मिथुन मंजूनाथन को सेमीफाइनल में 21-15, 19-21, 21-13 से हराया.
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विश्व चैंपियनशिप 2021 के रजत पदक विजेता श्रीकांत फाइनल में हांगकांग के जेसन गुनावन से भिड़ेंगे. श्रीकांत की जीत से पहले त्रीसा और गायत्री की दुनिया की 14वें नंबर की जोड़ी ने ओंग शिन यी और कारमेन टिंग की मलेशिया की दुनिया की 33वें नंबर की जोड़ी को सीधे गेम में 21-11, 21-15 ये हराकर फाइनल में प्रवेश किया.
वीमेंस सिंगल में अभियान खत्म
कंधे की चोट के कारण पांच महीने बाहर रहने के बाद वापसी करते हुए अपनी दूसरी प्रतियोगिता में खेल रही गायत्री और त्रीसा फाइनल में रविवार को काहो ओसावा और माई तनाबे की जापान की आठवीं वरीय जोड़ी के खिलाफ फाइनल में अपना खिताब बचाने की कोशिश करेंगी. भारत का महिला एकल में अभियान सेमीफाइनल में ही खत्म हो गया, जब उन्नति हुड्डा और तन्वी शर्मा दोनों को सीधे गेम में हार का सामना करना पड़ा. उन्नति को तुर्की की नेसलीहान एरिन के खिलाफ 15-21, 10-21 से हार मिली जबकि तन्वी को जापान की हिना अकेची के खिलाफ 17-21, 16-21 से शिकस्त का सामना करना पड़ा. इससे पहले हरिहरन अम्साकरुणन और त्रीसा की मिश्रित युगल जोड़ी इंडोनेशिया के देजान फर्डिनानस्याह और बर्नाडाइन अनिंद्या वर्दाना के खिलाफ 17-21, 19-21 की हार से टूर्नामेंट से बाहर हो गई.
श्रीकांत सत्र के अपने दूसरे फाइनल में
श्रीकांत ने नियंत्रित और अनुशासित खेल दिखाते हुए सत्र के अपने दूसरे फाइनल में जगह बनाई. श्रीकांत ने अच्छी शुरुआत करते हुए पहले गेम में 8-2 की बढ़त बनाई. मंजूनाथ ने लगातार दबाव बनाए रखा और स्कोर 12-14 किया, लेकिन इसके बाद श्रीलंका ने बेहतर खेल दिखाते हुए पहला गेम जीत लिया. दूसरा गेम करीबी रहा. स्कोर 7-7 पर बराबर रहने के बाद मंजूनाथ ने ब्रेक तक 11-9 की बढ़त बना ली. उन्होंने इस बढ़त को 16-9 किया लेकिन श्रीकांत ने लगातार सात अंक के साथ 18-18 के स्कोर पर बराबरी हासिल कर ली. हालांकि मंजूनाथ ने धैर्य बरकरार रखते हुए मुकाबले को तीसरे और निर्णायक गेम में खींच दिया. तीसरे गेम में श्रीकांत ने लय हासिल कर ली और पूरे समय आगे रहे. वह ब्रेक तक 11-6 से आगे थे, जिसे उन्होंने जल्द ही 18-11 किया और फिर आसानी से गेम और मैच जीत लिया.
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